Giridih : संशोधित कोर्ट फीस विधेयक के विरोध में 7 जनवरी को गिरिडीह व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया तथा न्यायालय परिसर में ही सभा आयोजित कर राज्य सरकार की आलोचना की. सभा को संबोधित करते हुए गिरिडीह अधिवक्ता संघ के महासचिव चुन्नूकांत ने कहा कि अधिवक्ताओं ने कामकाज रोक दिया है. विधेयक के खिलाफ अधिवक्ता एकजुट हैं. अधिवक्ता रंजन कुमार सिन्हा ने कहा कि झारखंड आदिवासी व दलित बहुल राज्य है. विधेयक से ज्यादा परेशानी गरीब तबके को होगी. राज्य सरकार गरीबों का हमदर्द होने का दावा करती है लेकिन विधेयक गरीबों के खिलाफ लाती है. अन्य अधिवक्ताओं ने भी सभा को संबोधित करते हुए विधेयक वापस लेने की मांग की. मौके पर आनंद गोपाल, चंदन कुमार, दीपक कुमार सिन्हा, गोपाल रजक, शिवेंद्र कुमार सिन्हा, दशरथ प्रसाद, उदय शंकर सिन्हा, ज्योतिष सिन्हा, विशाल आनंद, दिनेश राणा, चंदन सिन्हा, विनोद पासवान, शमसुल होदा, विनोद यादव समेत अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=519701&action=edit">यह
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गिरिडीह : अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार, विधेयक वापस लेने की मांग

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