alt="" width="300" height="225" /> दीपक कुमार सिन्हा[/caption] अधिवक्ता दीपक कुमार सिन्हा ने कहा कि कोर्ट फीस में वृद्धि से गरीब और मध्यम वर्ग को परेशानी होगी. कोर्ट फीस जमा करना मुश्किल होगा. भू माफिया का मनोबल बढ़ेगा. [caption id="attachment_519527" align="aligncenter" width="300"]
alt="" width="300" height="225" /> अंजनी कुमार सिन्हा[/caption] अधिवक्ता अंजनी कुमार सिन्हा का कहना है कि विधेयक लागू होने पर राज्य में भूमि विवाद बढ़ेगा. भू माफियाओं के निशाने पर गरीबों की जमीन होगी. पूर्व में जमीन जायदाद से जुड़े मुकदमे (सिविल सूट) के लिए कोर्ट फीस 30 हजार रुपए निर्धारित थी, उसे बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दी गई है. यह सरासर गरीबों के साथ अन्याय है. जिन गरीबों के जमीन हड़पे जाएंगे वे अदालत का दरवाजा नहीं खटखटा सकेंगे. [caption id="attachment_519528" align="aligncenter" width="300"]
alt="" width="300" height="225" /> श्रीकांत सिन्हा[/caption] अधिवक्ता श्रीकांत सिन्हा ने कहा कि कोर्ट फीस में वृद्धि से गरीब न्याय नहीं पा सकेंगे. नकल फॉर्म का दाम बढ़कर 2 से 20 रुपए और वकालतनामा का दाम बढ़ाकर 5 से 30 रुपए कर दी गई है. इससे गरीबों के साथ-साथ अधिवक्ताओं की भी परेशानी बढ़ेगी. भू माफिया का मनोबल बढ़ेगा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=519071&action=edit">यह
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