Sariya (Giridih) : भाजपा नेता सह कोडरमा के पूर्व सांसद रविंद्र राय ने 23 मार्च को पत्रकारों से कहा जिले के देवरी थाना अंतर्गत कोशोगोदोंदिघी गांव में नवजात की मौत रूह कंपाने वाली घटना है. यह घटना गिरिडीह प्रशासन पर लगा कलंक है. इस घटना से साबित हो चुका है जिले में भारतीय कानून नहीं बल्कि तालिबानी व्यवस्था काम कर रही है. गिरिडीह पुलिस आम लोगों पर लाठियां बरसा रही है. इस घटना से साबित हो चुका है कि पुलिस संवेदनाविहीन हो चुकी है. दोषी पुलिस अधिकारी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि झामुमो की अगुवाई वाली यूपीए गठबंधन की सरकार में मोटी रकम लेकर ट्रांसफर पोस्टिंग किया जाता है. उसी का नतीजा अधिकारियों का का बेलगाम होना है. थाना से लेकर अनुमंडल तक बिना चढ़ावे का कोई काम नहीं होता. छात्रों, गरीब, किसान व मजदूरों को एक ही काम के लिए महीनों कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. उल्लेखनीय है कि 22 मार्च को वारंटी को गिरफ्तार करने कोशोगोदोंदिघी गांव देवरी थाना पुलिस गई थी. घर की तलाशी लेते समय एक चार दिन के नवजात की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस की बूट से कुचले जाने पर उसकी मौत हुई. तलाशी के समय नवजात बिस्तर पर सो रहा था. पुलिस को देखकर वारंटी घर से भाग निकला. महिलाएं भी घर से बाहर निकल आई थी. पुलिस घर के हर कमरे की तलाशी ली थी. वहीं नवजात की मौत मामले में जिले के एसपी अमित रेणु ने कार्रवाई कर प्रभारी थानेदार संगम कुमार को लाइन हाजिर किया है. दारोगा सरोज कुमार मंडल, आरक्षी दीपक कुमार यादव, विनोद कुमार, शिवशंकर प्रसाद साहू, परमानंद कुमार पांडेय व चालक मनोज कुमार को निलंबित कर दिया है. देवरी थाना में अज्ञात पुलिसकर्मियों के वरुद्ध गैरइरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=588330&action=edit">यह
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