उप केंद्रों में अभी यह सुविधा
फिलहाल उप स्वास्थ्य केंद्रों में दो तरह की सुविधाएं उपलब्ध है. टीकाकरण और मातृत्व हेल्थ की जांच और इलाज की जाती है. इसके अलावा मौसमी बीमारी, टीबी, मलेरिया की रोकथाम के उपाय किए जाते हैं.फिलहाल जिले में 61 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
सिविल सर्जन के अनुसार फिलहाल जिले में 61 स्वास्थ्य उप केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जा चुका है. योजना के अनुसार इस साल के अंत तक 40 उप केंद्रों को वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जाएगा. आगामी वर्ष 2023 तक जिले के सभी 180 उपकेंद्र वेलनेस सेंटर के रूप में नजर आएंगे.30 उप केंद्र को अपना भवन नहीं
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 180 स्वास्थ्य उप केंद्र में से 30 केंद्र किराए के भवन में संचालित किए जा रहे हैं. सिविल सर्जन ने बताया कि इन उप केंद्रों का भी अपना भवन होगा. भवन निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है. सभी भवनों पर 55-55 लाख रुपए की लागत आएगी. जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी.43 सीएचओ कार्यरत
जिले में फिलहाल 43 सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) कार्यरत हैं. जहां सीएचओ पदस्थापित नहीं है वहां एएनएम को पदस्थापित किया जाएगा. सिविल सर्जन ने बताया कि कई स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रशिक्षित एएनएम से प्रसव कराने का भी काम लिया जा रहा है.वेलनेस सेंटर का मूल उद्देश्य लोगों को बीमार पड़ने से बचाना
सिविल सर्जन ने बताया कि वेलनेस सेंटर का मूल उद्देश्य लोगों को बीमार पड़ने से बचाना है. योग एवं स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर बीमारी से बचाव करना है. वेलनेस सेंटर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लाभदायक साबित होगा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=430315&action=edit">यहभी पढ़ें : गिरिडीह : शारदीय नवरात्र को लेकर पचम्बा में भक्तों ने निकाली कलश यात्रा [wpse_comments_template]

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