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गिरिडीह : मातृभाषा व संस्कृति को ना भूले बच्चे : सुप्रिया राय

 
Giridih : महान वैज्ञानिक सर जगदीशचंद्र बसु की पोती सुप्रिया राय के गिरिडीह आगमन पर शनिवार 8 अप्रैल को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. विद्यालय के पूर्व सचिव रुचिका राजगढ़िया ने सुप्रिया राय को शॉल और प्रधानाचार्य शिव कुमार चौधरी ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया.

          बच्चे अपनी मातृभाषा को कभी ना भूलें

सुप्रिया राय ने कहा कि दादाजी जेसी बोस की पावन धरती पर आकर वो अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. उन्होंने कहा कि वो अंग्रेजी शिक्षिका रहते हुए भी अपनी भाषा से प्रेम रखती हैं. अंग्रेजी एक माध्यम है, लेकिन अपनी मातृभाषा और संस्कृति को बच्चे कभी ना भूले. [caption id="attachment_602708" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/JC-BOSE-PC-300x225.jpg"

alt="" width="300" height="225" /> पत्रकारों को संबोधित करतीं जेसी बोस की पोती सुप्रिया राय[/caption]

           अपनी ही धरती पर नही मिला सम्मान

स्थानीय होटल में पत्रकारों से बात करते हुए सुप्रिया राय ने जेसी बोस को भारत रत्न देने की मांग की. उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि जेसी बोस को अपने ही धरती गिरिडीह में वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक हकदार थे. मौके पर विभाग टोली सदस्य रामरतन महर्षि व उपाध्यक्ष डॉ.सतीश्वर प्रसाद सिन्हा को अंग वस्त्र भेंट किया गया. रुचिका राजगढ़िया ने कहा कि शिक्षाविद् सुप्रिया राय को उनकी शिक्षिका भी रही है. रामरतन महर्षि ने कहा कि रुचिका ने गुरु शिष्य परंपरा को जीवंत रखा. हमारे शास्त्रों में मातृ, पितृ व आचार्य को देव तुल्य माना गया है. डॉ सतीश्वर प्रसाद सिन्हा ने कहा कि सर जेसी बोस ने भारत को जो दिया वह विज्ञान की अनुपम देन है. मौके पर लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार राज, समाजसेवी संजय राजगढ़िया, रुचिका राजगढ़िया व अन्य मौजूद थे. यह भी पढ़ें : तिसरी">https://lagatar.in/tisri-measles-rubella-vaccination-will-start-from-kastubara-vidyalaya-on-12th/">तिसरी

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