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गिरिडीह : चैताडीह मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र में कमीशनखोरी हावी

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Abhay Verma Giridih : चैताडीह मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र में कमीशनखोरी हावी है. कमीशन गर्भवती महिलाओं के परिजनों से वसूला जाता है. कमीशनखोरी के चक्कर में सहियाओं के दो गुटों में यहां अक्सर नोकझोंक होती रहती है. केंद्र में भर्ती होने आई गांव की गर्भवती महिलाओं को सहिया नर्सिंग होम भेज देती है. नर्सिंग होम से सहियाओं की सेटिंग है. मरीज भेजने पर नर्सिंग होम सहियाओं को कमीशन देता है. इसी कमीशनखोरी को लेकर नोकझोंक होती है. दोनों गुटों के बीच नोकझोंक विभागीय चिंता का विषय है. समय रहते दोनों गुटों को शांत नहीं किया गया तो कभी यह भयावह रूप ले लेगा. थाना पहुंच चुका है मामला 29 सितंबर 2020 की रात सहिया के दो गुटों के बीच हुई नोकझोंक के बाद मारपीट हुई. मामला पचंबा थाना तक पहुंचा. नोकझोंक एक गर्भवती महिला को स्थानीय नर्सिंग होम भेजे जाने को लेकर हुआ था. महिला इस केंद्र में भर्ती होने आई थी. कमीशन के चक्कर में सहिया उसे लेकर नर्सिंग होम लेकर गई. इसी बात पर दो गुटों में नोकझोंक हुई. दूसरा गुट उसे दूसरे नर्सिंग होम में ले जाना चाहती थी. राज्य कार्यक्रम प्रबंधक ने की थी जांच सहियाओँ के खिलाफ शिकायत मिलने पर विभाग के तत्कालीन राज्य कार्यक्रम प्रबंधक ज्वाला प्रसाद फरवरी 2020 में मामले की जांच की थी. उन्होंने दोनों गुटों को नोकझोंक नहीं करने और केंद्र की कार्यशैली में सुधार की हिदायत दी थी. उनके हिदायत के बाद 6 महीने तक सब कुछ ठीकठाक रहा. उसके बाद फिर दोनों गुट आमने-सामने हो गए. कमीशन का चक्कर  इस स्वास्थ्य केंद्र में कमीशन के चक्कर में नोंकझोंक होता है. कई नर्सिंग होम एक मरीज के बदले तीन हजार रुपये कमीशन देता है. जिले में 2,498 सहिया हैं. केंद्र में विभिन्न नर्सिंग होम के एजेंट सहियाओं से पैठ बनाकर टहलते रहते हैं. केंद्र में भर्ती होने आई गर्भवती महिलाएं आसानी से इन एजेंटों का शिकार हो जाती है. मरीज को इस कदर डराया जाता है कि यहां प्रसव कराना जच्चा-बच्चा दोनों के लिए खतरा है. सुरक्षित प्रसव के लिए परिजन मरीज को लेकर नर्सिंग होम चले जाते हैं. बदले में सहियाओं को कमीशन मिल जाता है. सहिया ने लगाया गंभीर आरोप अक्टूबर 2020 में बुढ़िया खाद निवासी सहिया सुनिदा परवीन ने अपने सहयोगी पर गंभीर आरोप लगाते हुए विभागीय अधिकारियों से इस केंद्र में गरीब गर्भवती महिलाओं से रुपये ऐंठने पर रोक लगाने की मांग की थी. अधिकारियों से सुनिदा ने ये भी कहा था कि स्थिति नहीं सुधरने पर चैताडीह केंद्र मरीजों को भगाने वाला अस्पताल के रूप में जाना जाएगा. दर्जनभर लगे हैं सीसीटीवी, फिर भी निगरानी नहीं केंद्र की निगरानी के लिए दर्जनभर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. उपाधीक्षक सह प्रभारी डॉ. उपेंद्र दास के अनुसार आधा दर्जन और भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. सहियाओं का चयन ग्रामसभा करता है. बर्खास्त करने का अधिकार भी ग्रामसभा को ही है. व्यवस्था में सुधार लाने की हरसंभव कोशिश की जा चुकी है. राज्य कार्यक्रम प्रबंधक को पुनः पत्र लिखा जाएगा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=394444&action=edit">यह

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