Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

गिरिडीह : चावल रहने के बावजूद बच्चों को नहीं मिला मध्याह्न भोजन, लोगों में आक्रोश

Sariya(Giridih) : सरिया प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय नावाडीह में शुक्रवार को बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं मिला, जिससे लोगों में आक्रोश है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रधानाध्यापिका पर लापरवाही का आरोप लगाया हैं. स्थानीय लोगों ने कहा कि मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका लीला देवी का यह पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी कई प्रकार के आरोप लगे हैं. मगर विभागीय कार्रवाई नहीं होने से बच्चों को पौष्टिक आहार से वंचित रखा जाता है. बीआरपी भरत महतो ने बताया कि विद्यालय में बच्चों को भोजन नहीं देना सचिव की लापरवाही है, जिसपर संज्ञान लेते हुए अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी. बहरहाल विद्यालय में बच्चों को मध्याहन भोजन नहीं मिलने से ग्रामीण काफी आक्रोश में हैं और स्थानीय शिक्षिका को उत्क्रमित मध्य विद्यालय नावाडीह से स्थानांतरण करने की बात कह रहे हैं.

क्या कहते हैं विद्यालय के अध्यक्ष

विद्यालय के अध्यक्ष सुनील कुमार पासवन ने कहा कि स्कूल के सचिव के द्वारा लगातार लापरवाही की शिकायत मिलते रहती है. जिसकी सूचना विभाग को भी दी जा चुकी है, परंतु किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है. मैं विद्यालय का अध्यक्ष हूं, बावजूद किसी प्रकार की सूचना हमें नहीं दी जाती है. यहां तक कि मेरे डुप्लीकेट साइन से हमारे उपस्थिति की भरपाई कर दी जाती है. विभाग संज्ञान लें और उचित कार्रवाई करें.

नावाडीह पंसस प्रतिनिधि संजीत साव ने क्या कहा

पंसस प्रतिनिधि संजीत साव ने बताया कि विद्यालय में लगभग 40 किलो अनाज रहने के बावजूद बच्चों को भोजन नहीं दिया गया. मामला संगीन है, इसकी पुनरावृत्ति ना हो इसलिए विभाग को तत्काल संज्ञान लेने की जरूरत है.

स्थानीय ग्रामीण अमर पासवन ने क्या कहा

स्थानीय निवासी अमर पासवन ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है. इसके पूर्व भी ग्रामीणों ने विरोध जताया था. यदि ऐसा ही रवैया रहा और अधिकारी संज्ञान नहीं लिये तो विभाग को विरोध झेलने के लिए तैयार रहना होगा.

नावाडीह के पूर्व पंसस ने क्या कहा

पूर्व पंसस रामविलास पासवान ने बताया कि विभाग के साथ विद्यालय के संचालकों की भी यह जिम्मेवारी होती हैं कि उनके विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को सुविधा दी जा रही हैं या नहीं, इसकी जांच करें. मगर इस विद्यालय में सिस्टम नाम की कोई व्यवस्था ही नहीं है. नतीजतन जिसको जो मन में आता हैं करते हैं. आज ग्रामीणों ने विद्यालय के सचिव से बात की है और उन्हें अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने की बात कही है. यदि सुधार नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा.

नावाडीह के पूर्व पंसस प्रतिनिधि डिंपल राणा ने क्या कहा

पूर्व पंसस प्रतिनिधि डिंपल राणा ने बताया कि बच्चों को पौष्टिक आहार के लिए सरकार हर महीने लाखों का पैकेज विद्यालयों में आवंटित करती है. परंतु विद्यालय समिति सदस्यों की लापरवाही इस कदर है कि चावल रहते हुए भी बच्चों को मध्यान भोजन नहीं दिया जाता है. उन्होंने कहा कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका लीला देवी की लापरवाही की शिकायत भी लगातार मिल रही है. कहा कि विभाग संज्ञान ले और प्रधानाध्यापिका का तबादला दूसरी जगह करे.

रसोइया से भोजन बनाने को कहा था, नहीं मानी बात : प्रधानाध्यापिका

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/04/4-13.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सह सचिव ने बताया कि लोगों का आरोप गलत नहीं हैं. मैंने रसोइया को खाना बनाने के लिए बोला था. परंतु हमारी बात नहीं मानी गई. रसोइया ने खाना नहीं बनायी, जिसके कारण आज मध्यान भोजन बच्चों को नहीं मिल पाया. उन्होंने कहा कि विद्यालय में चावल नहीं रहने की खबर बीआरसी को दी गई है. फिर भी विभाग चावल नहीं भेज रही है. इसे भी पढ़ें : न्यू">https://lagatar.in/new-police-line-dirty-smelly-drain-water-is-accumulated-in-the-ground-floor-of-the-quarter/">न्यू

पुलिस लाइन : क्वार्टरों के ग्रााउंड फ्लोर में जमा है नाली का गंदा बदबूदार पानी
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही