Giridih : गिरिडीह शहर के हुट्टी बाजार में हर रविवार को लगने वाली हाट में मोहर्रम पूर्व रौनक नहीं दिखा. कोरोना काल से पूर्व हर साल मोहर्रम से पहले इस हाट में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ती थी, लेकिन इस वर्ष हाट खाली है. खरीदार नहीं जुटने से दुकानदार मायूस हैं. बिक्री पर बुरा असर पड़ा है. दुकानों में सामान स्टॉक में पड़े हैं. जिले का यह सबसे बड़ा हाट है. इस हाट में बकरी, गाय, बैल, मुर्गे, बत्तख, मछली, अंडे, कपड़े, लोहे के सामान, सब्जियां, जड़ी बूटी समेत जरूरत के सभी सामान बिकते हैं. रविवार 7 अगस्त को हाट में विभिन्न स्थानों से लोग देसी मुर्गा लेकर बेचने आए थे. मोहर्रम के मौके पर देशी मुर्गे की जमकर बिक्री होती थी. इस बार इसकी बिक्री नहीं हो रही है. मुर्गे की बिक्री नहीं होने का वजह इसके दाम में बढ़ोतरी भी हो सकता है. दाम बढ़ने से लोग गांव में कम रेट पर मुर्गे की पहले री खरीदारी कर लिए होंगे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=381511&action=edit">यह
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गिरिडीह : मोहर्रम के बावजूद साप्ताहिक हाट में रौनक नहीं

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