Giridih: गिरिडीह में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है. सरकार लाख दावा करे पर जमीनी हकीकत इससे उलट है. स्थिति यह है कि रेफरल अस्पताल धनवार में जरूरी सुविधाएं भी नहीं है. यूं कहें कि रेफरल अस्पताल धनवार को आज खुद इलाज की जरूरत है. जिले में स्थिति यह है कि डॉक्टरों के अभाव में सदर अस्पताल की स्थिति रेफरल अस्पताल, रेफरल अस्पताल की स्थिति स्वास्थ्य उप केंद्र की हो गई है. यहां रोजाना 100 के करीब मरीज आतें हैं पर सुविधा के नाम पर इस अस्पताल में व्यवस्था जीरो है. बरसात के मौसम में छत से पानी की बूंदे, टूटती छत गिरकर अपनी बदहाली का एहसास करा रहा है. इस कारण यहां इलाज कराने पहुंचे मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों को भी किसी अनहोनी का डर सताते रहता है. जर्जर भवन में छत के नीचे जान हथेली पर रखकर स्वास्थ्य कर्मी मरीजों का इलाज करतें हैं. हालिया दिनों में छत टूटकर गिरने की 2-3 घटना भी हुई है. कर्मी पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाने या कहीं अन्यत्र शिफ्ट करने मांग करते आ रहें हैं.
केंद्र में 11की जगह 2 चिकित्सक रेफरल अस्पताल में प्रावधान के तहत 11 चिकित्सकों की पदस्थापना होनी चाहिए पर यहां मात्र 2 चिकित्सक पदस्थापित हैं. प्रभारी डॉ आरपी दास धनवार रेफरल अस्पताल के प्रभारी के साथ अन्य के प्रभार में भी हैं. इस कारण धनवार किसी खास मौके पर ही पहुंचते हैं. अन्य दो चिकित्सकों में डॉक्टर इंदु शेखर व डॉ पंकज वर्मा हैं. चिकित्सकों की कमी के कारण रात्रि सेवा तो लगभग बंद हो चुकी है. भूले भटके कोई मरीज पहुंच गया तो हंगामा निश्चित है. रेफरल अस्पताल की क्षमता तो 30 बेड की है पर एक कमरे में लगी करीब 10 बेड में कोई भी मरीज भर्ती नहीं था. व्यवस्था के कारण सब के सब खाली पड़े हैं. दवा की भी स्थिति बदहाल है. स्थिति ऐसी है कि सर्दी खांसी की भी दवा नहीं है. [caption id="attachment_654612" align="alignnone" width="300"]

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alt="" width="300" height="225" /> अस्पताल का खाली पड़ा बेड[/caption]
खोरीमहुआ में बन रहा है रेफरल अस्पताल: सीएस सीएस डॉ एसपी मिश्रा ने कहा कि क्षमता के अनुसार तो सदर अस्पताल में भी चिकित्सक नहीं है. चिकित्सकों की कमी की जानकारी मुख्यालय को भी है. साल में दो बार व्यवस्था की पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाती है. जल्द ही धनवार रेफरल अस्पताल की तस्वीर बदलेगी. खोरीमहुआ में 25 करोड़ की लागत से रेफरल अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है. निर्माण के बाद सारी व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी. चिकित्सक के मामले में सीएस ने कहा कि यह राज्य सरकार का मामला है.
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