Giridih : चैताडीह मातृत्व शिशु कल्याण केंद्र में निर्माणाधीन डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीआईईसी) अधर में लटका है. वर्ष 2021-22 में यहां 96 लाख रुपए की लागत से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे गिरिडीह के बच्चों की चिकित्सा के लिए डीआईईसी निर्माण की योजना बनी थी. विभागीय लेट लतीफी के कारण योजना पूरी नहीं हो पाई है. चैताडीह मातृत्व शिशु कल्याण केंद्र गिरिडीह सदर अस्पताल की इकाई है. डीआईईसी सेंटर बनने पर एक ही छत के नीचे बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी सुविधा उपलब्ध होती. केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ के अलावा फिजियोथैरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, न्यूट्रीशन और स्पीच थैरेपिस्ट की भी तैनाती की योजना है. बच्चों में होने वाली गंभीर बीमारियों का इलाज यहां किया जाता. डीआईईसी की स्थापना की योजना बनने से गिरिडीह के लोगों में बच्चों की चिकित्सा को लेकर उम्मीद जगी थी. लोगों ने सोचा कि अब बच्चों के इलाज कराने बाहर नहीं जाना पड़ेगा. निर्माण कार्य में देरी होने से लोगों की उम्मीद पर पानी फिरता दिखता है. वैसे निर्माण कार्य जारी है, लेकिन यह कब पूरा होगा इसकी गारंटी देने वाला कोई नहीं है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=566069&action=edit">यह
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गिरिडीह : अधर में लटका डीआईईसी निर्माण कार्य

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