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गिरिडीह : हड़ताल को लेकर अधिवक्ताओं में मतभेद

 
Giridih : संशोधित कोर्ट फीस विधेयक को लेकर गिरिडीह व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ताओं में मतभेद है. अधिवक्ताओं में कोई समर्थक हैं तो कोई हड़ताल विरोधी. जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रकाश सहाय हड़ताल में शरीक रहने के बाद भी सरकार समर्थक बयान दे रहे हैं. वहीं गिरिडीह जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव सरकार विरोधी बयान दे रहे हैं. दोनों के बयान से हड़ताल लंबा चलने पर अधिवक्ताओं के दो खेमे में बंटने के पूरे आसार हैं. उल्लेखनीय है कि स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर अधिवक्ता विधेयक के खिलाफ हड़ताल पर हैं. हड़ताल को लेकर प्रकाश सहाय का कहना है सीएम हेमंत सोरेन की घोषणा के बाद 8 व 9 जनवरी की हड़ताल जायज नहीं है. सीएम कोर्ट फीस कम करने समेत अधिवक्ताओं को 5-5 लाख रुपए की हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस कराने की घोषणा कर चुके हैं. इसके अलावा सीएम ने अधिवक्ताओं को रिटायरमेंट करने पर 7 हजार रुपए की जगह 14 हजार रुपए देने तथा राज्य के सभी बार भवन को हाईटेक करने की घोषणा भी सीएम ने की है. घोषणा के बाद इसे धरातल पर कब तक उतारा जाएगी इसकी निश्चित तिथि घोषित किए जाने की मांग काउंसिल कर रहा है? सीएम की घोषणा के बाद प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा. फिर प्रस्ताव को अनुशंसा के लिए भेजा जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया में एक-दो माह लगेंगे. सीएम को इसके लिए समय दिया जाना चाहिए. सीएम की घोषणा लागू नहीं होने पर पुनः आंदोलन छेड़ दिया जाएगा. [caption id="attachment_521832" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/chunnukant-300x225.jpg"

alt="" width="300" height="225" /> गिरिडीह अधिवक्ता संघ के महासचिव चुन्नूकांत[/caption] वहीं गिरिडीह अधिवक्ता संघ के महासचिव चुन्नूकांत का कहना है कि सीएम की मंशा साफ नहीं है. राज्य के एडवोकेट जनरल को बुलाकर सीएम ने वायदे किए. स्टेट बार काउंसिल एक संवैधानिक संस्था है. काउंसिल से बातचीत किए बिना घोषणा कर देने का क्या मतलब? वार्ता के लिए काउंसिल को बुलाना चाहिए था. घोषणा लिखित नहीं करके मौखिक की गई है. सीएम की मंशा साफ रहती तो काउंसिल के पदाधिकारियों से सीधी वार्ता करते. वैसे सीएम की घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन घोषणा किए जाने का तरीका गलत है. घोषणाओं पर अमल कब किया जाएगा इसकी निश्चित तिथि सीएम घोषित करें? इसके बाद ही समझा जाएगा कि सीएम की मंशा साफ है. [caption id="attachment_521833" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/ajay-kumar-sinha-1-300x225.jpg"

alt="" width="300" height="225" /> गिरिडीह अधिवक्ता संघ के सदस्य अजय कुमार सिन्हा[/caption] गिरिडीह अधिवक्ता संघ के सदस्य अजय कुमार सिन्हा का कहना है कि हड़ताल को लेकर आपसी मतभेद ठीक नहीं है. सीएम की घोषणा सही है. काउंसिल को सीएम पर भरोसा करना चाहिए. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=520738&action=edit">यह

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