Giridih : 18 अप्रैल को समाहरणालय सभागार में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला तम्बाकू नियंत्रण कोषांग और सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी (सीड्स) के संयुक्त तत्वाधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता विल्सन भेंगरा ने कहा कि तम्बाकू के सेवन से सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ने के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी होता है. तम्बाकू के सेवन से बचना चाहिए. उन्होंने कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों को तत्काल अपने-अपने कार्यालयों में तम्बाकू मुक्त क्षेत्र होने की बोर्ड लगाने का निर्देश दिया. कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए मिल जुलकर कोशिश करनी होगी. आम लोगों के बीच जाकर तंबाकू सेवन नहीं करने के लिए जागरूक करना होगा. सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने राज्य सरकार एवं सीड्स के द्वारा राज्य के सभी 24 जिलो में चलाए जा रहे तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कोटपा-2003 की विभिन्न धाराओं के बारे में जानकारी दी. कहा कि तम्बाकू बुरी लत है. तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने पर अच्छे परिणाम मिलेंगे. कार्यशाला में अपर समाहर्ता ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को नियमित रूप से जिले के शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण करने तथा संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं होने देने के लिए प्रभावी उपाय करने का निर्देश दिया. विदित हो कि सार्वजनिक जगहों जैसे सिनेमा हॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सड़क, शिक्षण संस्थानों, कार्यालयों समेत अन्य जगहों पर तम्बाकू सेवन दंडनीय अपराध है. कार्यशाला में जिले के सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों समेत सिविल सर्जन और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=611668&action=edit">यह
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