डॉक्टरों की लेटलतीफ़ी से लोगों को हुई परेशानी
दिव्यांग शिविर में डॉक्टर रवि महर्षि सुबह 8 बजे पहुंच गए. वहीं मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर फज़ल अहमद व डॉक्टर वीरेंद्र कुमार देर से पहुंचे. डॉ.अहमद 12:30 बजे और डॉक्टर वीरेन्द्र कुमार दोपहर 1:30 बजे सदर अस्पताल पहुंचे. चिकित्सकों की लेटलतीफी के कारण मरीजों को कई घंटे इंतजार करना पड़ा. जानकारी के अनुसार जांच के डेढ़ माह बाद दिव्यांगता सर्टिफिकेट दिया जाएगा. यह">https://lagatar.in/giridih-eye-examination-of-patients-doing-assistant-work-in-sadar-hospital/">यहभी पढ़ें : गिरिडीह : सदर अस्पताल में असिस्टेंट कर रहे मरीज़ों के आंखों की जांच [wpse_comments_template]

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