Giridih : सदर अस्पताल में हर माह 8 व 25 तारीख को लगने वाला दिव्यांग शिविर को यहां के चिकित्सकों ने मजाक बनाकर रख दिया है. शिविर में जिले के दिव्यांग अकेले या फिर अभिभावकों को साथ लेकर आते हैं. शिविर में दिव्यांगों के दिव्यांगता का प्रतिशत जांचकर प्रमाण पत्र दिया जाता है. सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए इस प्रमाण पत्र का होना जरूरी है. इतने महत्व के शिविर होने के बावजूद यह चिकित्सकों के लिए कोई मायने नहीं रखता. लगातार दो महीने से देखा गया है कि शिविर में चिकित्सक देरी से आए. चिकित्सकों के इंतजार में दिव्यांग व परिजन परेशान रहे. कई दिव्यांग जांच कराए बिना लौट गए. 9 जनवरी को भी सदर अस्पताल में मासिक दिव्यांग शिविर आयोजित किया गया था. वैसे यह शिविर 8 जनवरी को ही आयोजित किया जाता, लेकिन रविवार की छुट्टी होने के कारण 9 जनवरी को लगाया गया. शिविर के लिए चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी. टीम में डॉ. राजीव कुमार, डॉ. फजल अहमद और डॉ. वीरेंद्र कुमार शामिल थे. इस बार भी लेट लतीफ चिकित्स निर्धारित समय से तीन घंटे देरी से पहुंचे. 12 बजे के बाद बारी-बारी से तीनों चिकित्सक शिविर में पहुंचे. चिकित्सकों के देरी से आने के बारे में पूछे जाने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि डॉ. फजल अहमद की नाइट ड्यूटी थी. हो सकता है इस वजह से उन्हें आने में देरी हुई हो. दो चिकित्सक क्यों देरी से आए, इसका पता नहीं? वर्तमान सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा के कार्यकाल में चिकित्सक ड्यूटी करने में लापरवाही बरत रहे हैं. चिकित्सकों पर डीसी के औचक निरीक्षण का भी असर पड़ता नहीं दिख रहा है. इस संबंध में पूछे जाने पर सिविल सर्जन ने बताया कि काम के सिलसिले में रांची आया हूं. लौटने पर मामला को देखूंगा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=521640&action=edit">यह
भी पढ़ें : गिरिडीह : शहीद शेख भिखारी अंसारी व टिकैत उमराव का मनाया गया शहादत दिवस [wpse_comments_template]
गिरिडीह : दिव्यांग शिविर में देरी से पहुंचे चिकित्सक

Leave a Comment