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गिरिडीह : दिव्यांग शिविर में घंटों इंतजार के बाद भी नहीं आए चिकित्सक

Giridih : सदर अस्पताल की कार्यशैली सुधरने वाला नहीं. निगरानी के लिए अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे हो या डीसी का औचक निरीक्षण, सब बेकार साबित हो रहे हैं. 25 अगस्त को एक बार फिर इस अस्पताल में अव्यवस्था देखा गया. दिव्यांग शिविर में घंटों इंतजार के बाद भी चिकित्सक नहीं आए. मजबूरन कई दिव्यांग निराश होकर लौट गए. हर माह 8 और 25 तारीख को इस अस्पताल में दिव्यांग शिविर आयोजित की जाती है. शिविर के लिए 3 सदस्य चिकित्सकों की टीम गठित की गई थी. टीम में फिजिशियन डॉ. रवि महर्षि, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. फजल अहमद तथा नेत्र चिकित्सक डॉ. मुख्तार अंसारी शामिल थे. फिजिशियन डॉ. महर्षि व डॉ. अंसारी शिविर में आए और मरीजों को देखा. मानसिक रूप से विक्लांगों को देखने डॉ. फजल अहमद नहीं आए.

दूर दराज से आए थे दिव्यांग

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alt="" width="300" height="225" /> चिकित्सक के इंतजार में बैठे दिव्यांग बैजनाथ[/caption] [caption id="attachment_399186" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/chotey-pandit-300x225.jpg"

alt="" width="300" height="225" /> दिव्यांग छोटे पंडित[/caption] शिविर में जिले के विभिन्न प्रखंडों के दूर-दराज से दिव्यांग आए थे. जमुआ प्रखंड के सालि पंचायत से आए दिव्यांग बैजनाथ दास चलने में असमर्थ होने के बावजूद शिविर में पहुंचे थे. उन्हें निराश होकर लौट जाना पड़ा. गांडेय प्रखंड के तारातांड़ निवासी छोटे पंडित मानसिक रूप से कमजोर रहने के बावजूद शिविर में पहुंचे थे. उन्हें भी बिना दिखाए लौटना पड़ा. इस संबंध में पूछे जाने पर सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच होगी. किन परिस्थितियों में डॉक्टर फजल नहीं आए, उनसे जवाब तलब किया जाएगा. नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=398232&action=edit">यह

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