ताक पर नियम कायदे
विभागीय आदेश के अनुसार दवा एक्सपायर रहने में 3 माह शेष रह जाता है तो कार्यालय के माध्यम से मुख्यालय को सूचना देनी होती है. सदर अस्पताल में कुछ ऐसी दवाओं की भी आपूर्ति कर दी जाती है जो एक्सपायर होने में 3 माह ही रहता है. अगर लेने से इनकार कर दिया जाता है तो ऊपर से फोन भी आता है. नतीजतन दवा एक्सपायर हो जाती है.पहले भी फेंकी गई है एक्सपायरी दवा
एक दशक पूर्व सिविल सर्जन कार्यालय के छत के ऊपर करीब 10 लाख की दवा फेंकी हुई थी. मामला उजागर हुआ तो दंडाधिकारी पीपी सिन्हा की अगुवाई में 3 सदस्यीय कमेटी ने मामले की जांच की. पर इसका नतीजा क्या हुआ, वह आज तक किसी को मालूम नहीं.दवा के बैच का किया जाएगा मिलान : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ.एसपी मिश्रा ने कहा कि दवा फेंकना किसी भी हालत में जायज नहीं है. उन्होंने कहा कि फेंकी गई दवा की बैच का मिलान कर पता किया जाएगा कि दवा कब आयी और इसकी सप्लाई कहां की गई. मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह">https://lagatar.in/giridih-district-convener-held-a-meeting-with-newly-elected-block-president-of-congress/">यहभी पढ़ें : गिरिडीह : कांग्रेस के नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्ष के साथ जिला संयोजक ने की बैठक [wpse_comments_template]

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