‘डॉक्टर बाबू’ भी हैं लाचार
डॉ.वीरेंद्र कुमार ने बताया कि लोगों की बार-बार की शिकायत के बाद उन्होंने सिविल सर्जन से इस मसले पर विरोध भी जताया था. जिसके बाद कुछ सप्ताह के लिए डॉक्टर कुमार की ड्यूटी इमरजेंसी में नहीं दी गई. लेकिन पिछले कुछ दिनों से दोबारा डॉ.वीरेन्द्र कुमार को इमरजेंसी में लगाया जा रहा है.मरीज़ हो रहे परेशान
सदर अस्पताल में सुबह से अपराह्न 3:00 तक 250 से 300 मरीज आते हैं, इनमें लगभग 50 आंख के मरीज होते हैं. विशेषज्ञ चिकित्सक ना बैठने के कारण आंखों के गंभीर मरीजों को बगैर इलाज कराए वापस लौटना पड़ता है. हालांकि सामान्य मरीजों का इलाज का कार्य असिस्टेंट करते हैं. वो भी जांच कर केवल मरीजों को चश्मा का नंबर बताते हैं.चिकित्सकों की कमी बड़ी वजह - सीएस
सिविल सर्जन डॉ.एसपी मिश्रा ने कहा कि पदस्थापना काल से ही लगातार पत्राचार किया जा रहा है. राज्य भर में चिकित्सकों की कमी है. नई नियुक्ति के बाद ही संभवत: गिरिडीह में चिकित्सकों की कमी दूर हो जाएगी. यह">https://lagatar.in/bermo-tiger-willin-in-panchatattva-cm-hemant-soren-and-vidhansabha-speaker-ravindranath-mahto-attended-the-funeral/">यहभी पढ़ें : बेरमो : टाइगर…पंचतत्व में विलीन, सीएम हेमंत सोरेन और विधानसभा स्पीकर रविन्द्रनाथ महतो अंत्येष्टि में हुए शामिल [wpse_comments_template]

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