खेमों में मनाया कर्नाटक जीत का जश्न
बीते 13 मई को कर्नाटका में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत पर जश्न के दौरान भी गिरिडीह कांग्रेस तीन खेमों में बंटी दिखी. टावर चौक पर जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह का खेमा तो मौलाना आजाद चौक पर पार्टी के प्रदेश सचिव अजय कुमार सिन्हा का कुनबा आतिशबाज़ी करता दिखा. तो युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हसनैन अली अपने समर्थकों के साथ अलग जुलूस निकालते दिखे. [caption id="attachment_638382" align="alignnone" width="300"]alt="" width="300" height="169" /> कर्नाटक में कांग्रेस की जीत पर समर्थको के साथ जश्न मनाते अजय सिन्हा[/caption] प्रदेश सचिव अजय सिन्हा ने कहा कि कर्नाटक में मिली जीत के बाद जिलाध्यक्ष की ओर से किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई. कहा कि राजनीति करनी है तो बड़ी जीत पर भी कैसे चुप रह जा सकता है. फिलहाल जिला अध्यक्ष ने इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है. गौरतलब है कि पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश वर्मा के कार्यकाल में फरमान की अनदेखी का चलन था, और अब हर स्तर पर अपनी ताकत दिखाने की परंपरा चल पड़ी है. कांग्रेसियों की खेमेबाज़ी की झलक पूर्व विधायक चंद्रिका महथा को पार्टी में शामिल कराने को लेकर भी दिखी थी. नगर भवन में आयोजित बड़े समारोह में पूर्व विधायक को शामिल कराने की सारी तैयारी कर ली गई थी, पूर्व विधायक समारोह में पहुंच भी चुके थे. लेकिन, पर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने अंतिम क्षणों में पूर्व विधायक की कांग्रेस में एंट्री पर रोक लगा दी थी. जिलाध्यक्ष की अदूरदर्शिता के कारण कांग्रेस के हाथ से पूर्व विधायक फिसल गए. यह">https://lagatar.in/giridih-mixed-effect-of-naxalite-arrest-operation-of-long-distance-vehicles-affected/">यह
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