Giridih: जमीन के ऑनलाइन म्यूटेशन और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के नाम पर घूस की मांग के विरोध में किसान मंच ने पूर्वघोषित कार्यक्रम के तहत 25 अप्रैल को समाहरणालय परिसर में धरना व प्रदर्शन किया. जुलूस जब समाहरणालय के करीब पहुंची तो दोनों गेट बंद कर दिया गया. इससे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भड़क गया और एक गेट का ताला तोड़कर अंदर घुस गए. जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए वहीं धरने पर बैठे गए. सदर एसडीएम विषालदीप खलको पुलिस के साथ समाहरणालय पहुंचे और किसानों से वार्ता कर प्रदर्शन समाप्त कराया. वक्ताओं ने कहा कि सरकारी अधिकारी नियम कानून को ताक पर रखकर जनता को दोनों हाथों से लूट रहें हैं. दशकों से जिस गैर मजरूआ खास जमीन पर किसान दखलकर हैं, उस जमीन का लगान रसीद निर्गत करने पर रोक लगा दिया गया है. रिश्वत देने में असमर्थ गरीब किसानों का लगान रसीद निर्गत नहीं हो रहा है. ताकी उस जमीन को सरकारी जमीन घोषित कर सके. रिश्वत नहीं देने पर जमीन के प्लॉट का ऑनलाइन इंट्री, उत्तराधिकार, दाखिल खारिज का आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाता है. गरीब, आदिवासी, मूलवासी, किसानों को भूदान और बंदोबस्त के तहत दिए गए जमीन का भी लगान रसीद निर्गत करने के लिए अधिकारी मोटी रकम मांगतें है. मौके पर श्यामू बास्के, विजय कुमार, छत्रधारी सिंह, दासो मुर्मू, अन्ना मुर्मू, थांभी मंडल, टिपन ठाकुर, महादेव विश्वकर्मा, खुशबू देवी, रेखा देवी, सरिता देवी,बेबी देवी, झगरु यादव, देवकी नंदन यादव, बसंती देवी, अरविंद कुशवाहा, बैजून मुर्मू, अब्दुल अंसारी, हेमलाल सिंह आदि मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=618854&action=edit">यह
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