Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

गिरिडीह : क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर

Advertisement
Advertisement
Abhay verma Giridih : क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट को लेकर जिला स्वास्थ्य  विभाग गंभीर है. जिले में लगभग एक सौ नर्सिंग होम बिना पंजीयन के अधूरे मानक पर संचालित हैं. बिना पंजीयन और मानक के संचालित नर्सिंग होम पर शामत आनेवाली है. क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के नए प्रावधान के तहत अब नर्सिंग होम समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को पंजीयन करवाना जरूरी होगा. राज्य के नोडल अधिकारी डॉ. एसपी शर्मा ने गिरिडीह सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा को पंजीकरण को लेकर सख्ती बरतने का निर्देश दिया है. पंजीकरण नहीं कराने वाले नर्सिंग होम और स्वास्थ्य केंद्र संचालकों को जुर्माने के तौर पर कारावास की सजा के साथ-साथ पचास हजार रुपए जुर्माना भरना पड़ेगा. पूर्व में पंजीकरण की नवीनीकरण की जाती थी. नए नियम के तहत अब एक ही बार स्थाई पंजीकरण होगी. संचालक नवीनीकरण के झंझट से मुक्त रहेंगे. पंजीकरण से पूर्व बायो मेडिकल वेस्ट, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी तथा अग्निशमन सुरक्षा प्रमाणपत्र की जरूरत होगी.

पूर्व में भी हो चुकी है कार्रवाई

जिले में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम व चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है. 10 दिसंबर 2017 को तत्कालीन एसडीएम विजय यादव ने छापेमारी अभियान चलाकर 6 लोगों को हिरासत में लिया था. फिर उन लोगों को छोड़ दिया गया. विभागीय आवेदन नहीं मिलने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई. डुमरी में फरवरी 2021 को एक नर्सिंग होम पर गर्भपात गिराने के मामले में छापेमारी की गई. गर्भपात का मामला सही पाए जाने के बाद भी वह नर्सिंग होम आज की तारीख में चालू है.

दीवार तड़प कर भागे चिकित्सक

फरवरी 2021 में ही छापेमारी के दौरान बोरो में संचालित एक नर्सिंग होम के संचालक दीवार तड़प कर भाग गए. तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने इस नर्सिंग होम में छापेमारी की थी. संचालक से कागजात की मांग की. वे कागजात लाने घर जाने का बहाना बनाकर दीवार फांदकर भाग निकले. इस संचालक का नर्सिंग होम फिलहाल सिरसिया में संचालित है.

नर्सिंग होम को भेजा जाएगा नोटिस, होगी कार्रवाई

सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा ने बतााया कि जिले में संचालित नर्सिंग होम, पैथोलॉजी व जांच घर को स्थाई पंजीकरण के लिए नोटिस जारी की जाएगी. नोटिस के बाद पंजीकरण नहीं कराने पर कार्रवाई होगी. पंजीकरण से पूर्व नर्सिंग होम समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के अहर्ता की जांच की जाएगी. प्रक्रिया पूरा नहीं करने वाले नर्सिंग होम व स्वास्थ्य केंद्रों को सील करने का साथ जुर्माना किया जाएगा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=415053&action=edit">यह

भी पढ़ें : गिरिडीह : विधायक ने मृतक मजदूर के परिजन को सौंपा 22 लाख का चेक [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही