Silash Singh Giridih : मानसून की दगाबाजी से इस साल धान की फसल पूरी तरह चौपट हो गई. धानरोपनी का समय भी बीत गया. ऐसे में जिले के किसानो ने अब वैकल्पिक खेती का रूख करना शुरु किया है. ज़िले के विभिन्न हिस्सों में किसान अपने खेतों में हरी सब्जियों की खेती कर रहे हैं. जिन खेतों में अब तक धान के पौधों की हरियाली होनी थी. वहां अब हरी सब्जियों की हरियाली ने जगह ले ली है. किसानों का कहना है कि धान के लिए अधिक पानी की जरूरत होती है. लेकिन हरी सब्जियां कम पानी में भी उपजायी जा सकती हैं. सब्जियों की सिंचाई रोज नहीं करनी पड़ती है. किसानों ने अपने खेतों में फूलगोभी, बैगन, हरी मिर्च, मूली, करेला, कद्दू, कोंहड़ा आदि की खेती शुरू की है. जिले के गिरिडीह, गांडेय, जमुआ, पीरटांड़, डुमरी, बेंगाबाद, तीसरी, बिरनी सहित अन्य प्रखंड के गांवों में किसानों ने धान की जगह हरी सब्जियों की खेती शुरू कर दी है. बेरगी गांव के किसान राजवंश सिंह ने कहा कि जिन पौधों को अभी लगाया गया है वह दो से तीन महीने में तैयार हो जाएंगे. धान नष्ट होने की कुछ भरपाई हरी सब्जियों से होने की उम्मीद है. यह">https://lagatar.in/giridih-15-health-centers-including-sadar-hospital-will-be-illuminated-with-solar-lights/">यह
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गिरिडीह : नहीं हो सकी धानरोपनी तो किसानों ने शुरू की हरी सब्जियों की खेती

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