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गिरिडीह : गोलगप्पा खाने से मासूम की मौत, कई बीमार, देर रात अस्पताल व बजटो गांव पहुंचे DC समेत कई अफसर

Giridih : गिरिडीह सदर प्रखंड के बजटो गांव में फूड प्वाइजनिंग से एक बच्चे की मौत हो गई. जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक बच्चे बीमार हैं. इसके अलावा महिला समेत कुछ अन्य लोगों के भी बीमार होने की सूचना है. 

 

इस घटना से पूरे प्रशासनिक महकमा में हड़कंप मच गया है. प्रशासन को खबर मिलते ही आनन फानन में सभी बीमार बच्चों एवं अन्य लोगों को एंबुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया है, जहां सभी का इलाज चल रहा है. 

 

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इधर सूचना मिलने के बाद गिरिडीह डीसी रामनिवास यादव, एसडीएम श्रीकांत यशवंत बिस्पुते, सिविल सर्जन बच्चा सिंह, सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव सहित जिला के आलाधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया. 

 

मौके पर पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में रह कर बीमार बच्चों का समुचित इलाज का निर्देश दिया. सदर अस्पताल से सभी अधिकारी बजटो गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. 

 

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निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की बिक्री, स्वच्छता व्यवस्था एवं स्थानीय परिस्थितियों की गहन जांच करने के भी निर्देश दिए गए. साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग को संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने संग्रहित कर त्वरित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया. 

 

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घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि शनिवार की शाम गांव में गोलगप्पा और छोला बेचने वाला आया था. बच्चों ने उसके पास से छोले और गुपचुप खाये. रात भर बच्चे ठीक रहे. लेकिन रविवार की सुबह बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. 

 

बताया कि उल्टी, दस्त और पेट में दर्द होने पर बच्चों का स्थानीय स्तर पर इलाज कराया. मगर दिन बीतते-बीतते एक के बाद एक बच्चे बीमार होते गए और उनकी स्थिति बिगड़ती गई. इसी दौरान 7 वर्षीय एक बच्चे की मौत भी हो गई. 

 

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इस मामले को लेकर डीसी रामनिवास यादव ने कहा कि छोला और चाट खाने के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है. इस घटना में एक बच्चे की मौत हो गई है. जबकि बच्चे बड़े समेत डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को सदर अस्पताल लाया गया है. चिकित्सकों की देखरेख में सभी का इलाज चल रहा है.

 

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उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि आमजनों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उपायुक्त ने सिविल सर्जन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न हो.

 

साथ ही सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और 24 घंटे निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.

 

 

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