Giridih : क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत अब स्वास्थ्य संस्थानों, क्लीनिक व जांच घर का स्थाई पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. 9 सितंबर को राज्य के नोडल अधिकारी डॉ. एसपी शर्मा ने सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर ये निर्देश दिए. पूर्व नियम के तहत हर वर्ष अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों व जांच घर को पंजीकरण का नवीनीकरण कराना पड़ता था. अब नए नियम के तहत एक बार पंजीकरण कराने के बाद नवीनीकरण नहीं कराना पड़ेगा. सिविल सर्जन ने बताया कि पंजीकरण कराने का मुख्य उद्देश्य मरीजों को झोलाछाप डॉक्टरों से बचाना है. इसके लिए जिला मुख्यालय में पांच सदस्यीय टीम तथा प्रखंडों में तीन-तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है. बिना पंजीकरण कराए क्लीनिक व स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन करने पर एक्ट के तहत पांच हजार से लेकर पचास हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है. बारी-बारी से जिले में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों की वेरीफिकेशन की जाएगी. वेरीफिकेशन के बाद रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजी जाएगी. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=413920&action=edit">यह
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गिरिडीह : क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत अस्पतालों का स्थाई पंजीकरण कराना अनिवार्य











































































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