Giridih News : गिरिडीह जिले मधुबन में मरांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा का दो दिवसीय महासम्मेलन बुधवार को शुरू हुआ. सम्मेलन के पहले दिन मोर्चा अध्यक्ष फागू बेसरा ने मांझीथान में पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इसके बाद उन्होंने टालेटांड़ भवन में आयोजित सभा को संबोधित किया.
फागू बेसरा ने कहा कि मरांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा का मुख्य उद्देश्य संथाल और अन्य आदिवासी जनजातियों के पवित्र धार्मिक स्थलों की रक्षा, रखरखाव, निगरानी और प्रबंधन करना है. संथाल समाज की पारंपरिक बोंगा-बुरू पूजा पद्धति, धर्म, संस्कृति और परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि मरांग बुरू (पारसनाथ पहाड़), लुगू बुरू घंटाबाड़ी धोरोमगढ़, अयोध्या बुरू, जुग जाहेर थान, दिशोम मांझी थान और जाहेर थान (सरना स्थल) संथाल समाज के प्रमुख पवित्र धार्मिक स्थल हैं. इनकी सुरक्षा के लिए समाज के लोगों को जागरूक किया जाएगा.
महासम्मलेन का समापन गुरुवार को होगा. समापन समारोह में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन मुख्य रूप से शामिल होंगे. फागू बेसरा ने कहा कि संथाल जनजाति प्रकृति की उपासक है. नदी, नाला, पर्वत, जंगल, वृक्ष, सूर्य और चंद्रमा को प्रकृति के स्वरूप में मानकर पूजा की जाती है. आदिवासी गांवों में स्थित जाहेर थान (सरना स्थल) वृक्षों के समूह के रूप में पवित्र धार्मिक स्थल होते हैं, जहां वृक्षों की कटाई पर प्रतिबंध रहता है. जंगल और पर्यावरण की रक्षा आदिवासी समाज की परंपरा रही है और इसके संरक्षण के लिए मोर्चा प्रतिबद्ध है.
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