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गिरिडीह : पीने का पानी नहीं, नाम है मध्य विद्यालय पंदनाटांड

 
मध्याह्न भोजन पकाने को दूसरे के चापानल से लाना पड़ता है पानी
Tisri (Giridih) : तिसरी प्रखंड के मध्य विद्यालय, पंदनाटांड में पानी की समस्या से विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे से लेकर विद्यालय प्रबंधन तक सब परेशान है. हालात यह है कि मध्याह्ण भोजन बनाने के लिए भी किसी दूसरे व्यक्ति के चापाकल से पानी लाना पड़ता है. विद्यालय के छात्रों को भी अपनी प्यास बुझाने व मध्याह्ण भोजन के बाद बर्तन साफ करने के लिए सड़क पार कर दूसरे के चापाकल पर जाना पड़ता है. इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगा रहता है.

चार माह पूर्व बीईईओ ने दिया था चापानल मरम्मत कराने का भरोसा

[caption id="attachment_678420" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/School-2222-1-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> सचिव मार्शेला हेमब्रोम[/caption]   बताया जाता है कि विद्यालय में नाम के लिए एक चापाकल तो है लेकिन यह महीनों से खराब है. विद्यालय प्रबंध समिति की सचिव मार्शेला हेमब्रोम ने बताया कि उन्होंने विभाग को जलसंकट की समस्या से अवगत करवाया था. लगभग चार माह पूर्व बीईईओ ने विद्यालय का निरीक्षण कर जल्द समस्या सुलझाने की बात कही थी लेकिन आज तक उनका वादा पूरा नहीं हो पाया है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=678367&action=edit">यह

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