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गिरिडीह : हड़ताल पर रहे अस्पतालों के आउटसोर्सिंग कर्मी, मची हलचल

 
तीन घंटे के बाद हुआ समझौता, काम पर लौटे हड़ताली कर्मी
Giridih : न्यूनतम मजदूरी सहित 5 सूत्री मांग को लेकर 22 जुलाई को जिलेभर के अस्पतालों में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मियों ने हड़ताल की घोषणा कर दी. इस खबर से चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की सांसें फूलने लगी और आनन-फानन में कर्मियों से समझौता वार्ता कर हड़ताल खत्म करायी गई. इस दौरान तीन घंटे तक अस्पतालों के काम पर असर पड़ा. आंदोलन में जिलेभर के एएनएम, जीएनएम, फार्मासिस्ट सहित सफाई कर्मी शामिल थे.

             कर्मचारियों ने लगा दी आरोपों की झड़ी

[caption id="attachment_707544" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/Hospital-2222-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> एजेंसी के प्रतिनिधि के समक्ष आक्रोश व्यक्त करते कर्मी[/caption] आंदोलन के 1 घंटे बाद कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने धरना स्थल पर आउटसोर्सिंग कंपनी के सुपरवाइजर गौरव राय को तलब किया. उनके समक्ष आउटसोर्सिंग कर्मियों ने शिकायत की झड़ी लगा दी. कर्मियों ने कहा कि कई प्रकार से शोषण किया जा रहा है. निर्धारित मानदेय से कम भुगतान, बीएफ का नहीं काटा जाना, कई कर्मियों को पीएफ नंबर का आवंटन नहीं किया जाना, ऐसे कई मामले हैं, जिसका पालन नहीं किया जाता.

             सीएस की मौजूदगी में हुई समझौता वार्ता

[caption id="attachment_707545" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/Hospital-33333-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> समझौता वार्ता में सीएस, एजेंसी के प्रतिनिधि व कर्मियों के प्रतिनिधि[/caption] सुपरवाइजर से वार्ता के बाद श्री सिंह के नेतृत्व में सिविल सर्जन डॉ एस पी मिश्रा से वार्ता की गई. श्री सिंह ने सीएस को बताया कि कई कर्मियों का पीएफ काटा गया पर उसे जमा नहीं किया गया. श्रम विभाग की ओर से निर्धारित किया गया मानदेय नहीं दिया जा रहा है. इसके बाद बालाजी कंपनी के सुपरवाइजर गौरव राय से कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, अशोक सिंह नयन व रघुनंदन विश्वकर्मा के बीच वार्ता हुई इसके बाद आंदोलन को समाप्त कर दिया गया.

न्यूनतम मजदूरी भुगतान की दी गई गारंटी

कर्मचारी संघ नेताओं व सिविल सर्जन के बीच हुई वार्ता में श्रम विभाग की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी भुगतान की गारंटी दी गई. कहा गया कि अब हर माह की 15 तारीख तक हर हाल में मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा. तय किया गया कि ओटी, एलटी और एएनएम को 10,500 के साथ पीएफ राशि जमा की जाएगी. जीएनएम और कंप्यूटर ऑपरेटर को 12,500, एमएसडब्ल्यू को 8000, जबकि स्वीपर को 7750 रुपये के साथ पीएफ दिया जाएगा. वार्ता में तय किया गया कि हर माह की 15 तारीख को हर हाल में कर्मियों का भुगतान कर दिया जाएगा. संघ ने इस बात पर एतराज जताया कि कंपनी के सुपरवाइजर शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने पर हटाने की धमकी देते हैं. तय किया गया कि प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी की रिपोर्ट के बाद उस पर एक्शन लेने का अधिकार सिविल सर्जन को होगा. कंपनी के सुपरवाइजर कर्मियों को हटा नहीं सकते हैं. प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी की सिफारिश पर सीएस की मुहर के बाद ही कर्मियों पर कोई कार्रवाई की जाएगी. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=707341&action=edit">यह

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