Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

गिरिडीह : सदर अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मी फिर हड़ताल पर गए

Advertisement
Advertisement

2 माह बाद ही दूसरी बार हुई हड़ताल, चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित

Giridih : सदर अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल 25 सितंबर को फिर शुरू हो गई. इससे अस्पताल की व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है. झारखंड मजदूर मोर्चा के बैनर तले कर्मियों ने अस्पताल परिसर में कामकाज छोड़ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए. कंपनी के सुपरवाइजर गौरव राय व कर्मियों के बीच चली समझौता वार्ता भी विफल रही. कर्मियों के बुलावे पर कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह भी पहुंचे, पर बात नहीं बन पाई. विदित हो की गत जुलाई में आंदोलन के दौरान कंपनी सुपरवाइजर ने वादा किया था कि अब से हर माह समय पर भुगतान किया जाएगा. दूसरी ओर आउटसोर्सिंग कर्मियों ने कहा कि हर माह की बात छोड़िए, अभी 3 माह का वेतन बकाया है और चौथा माह सितंबर का चल रहा है लेकिन वेतन नहीं मिला. आउटसोर्सिंग कमी लिखित आश्वासन की जिद पर अड़े थे पर सुपरवाइजर लिखित देने को तैयार नहीं था.

16 सितंबर की बैठक में कर्मियों ने दे दी थी चेतावनी

[caption id="attachment_767524" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/Out-Sourmmmm-1-272x181.jpg"

alt="" width="272" height="181" /> वार्ता में नहीं हुआ समझौता[/caption] समझौता वार्ता विफल होने के बाद सभी आउटसोर्सिंग कर्मी फिर हड़ताल पर बैठ गए. यहां काबिले गौर है कि 16 सितंबर को झारखंड मजदूर मोर्चा की संपन्न बैठक में कर्मियों ने चेताया था कि तीन माह के बकाया मानदेय का भुगतान 21 सितंबर तक नहीं हुआ तो 25 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी. प्रदेश अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि कंपनी और विभाग वादा से मुकर रही है. सोमवार को छुट्टी के कारण कार्यालय बंद है, मंगलवार को सिविल सर्जन से वार्ता की जाएगी. मांगें नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. मौके पर श्री सिंह के अलावा प्रदेश मंत्री रघुनंदन विश्वकर्मा, रूपलाल महतो आदि मौजूद थे.

चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ा असर

दूसरी ओर इस हड़ताल से सदर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है. आउट सोर्सिंग के माध्यम से यहां कार्यरत एएनएम, जीएनएम, टेक्निशियन आदि कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. दूसरी ओर चिकित्सकों के पास सहयोगी के रूप में तैनात रहने वाले कर्मी भी हड़ताल पर हैं. इससे चिकित्सा व्यवस्था पर असर पड़ना शुरु हो गया है. अगर यह हड़ताल लंबे समय तक चली तो मरीजों को भारी परेशानी होना तय है. यह">https://lagatar.in/giridih-naxalites-pasted-posters-in-harladih-panic/">यह

भी पढ़ें: गिरिडीह : नक्सलियों ने हरलाडीह में चिपकाए पोस्टर, दहशत [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही