alt="" width="300" height="153" /> संगीत संध्या का आनंद लेते अतिथि व संगीतप्रेमी[/caption] इससे पहले अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरुआत गिरिडीह के दिवंगत संगीत गुरु वीरेंद्र नारायण सिंह और पंडित अजय प्रसन्ना के पिता विख्यात बांसुरी वादक पंडित भोलानाथ प्रसन्ना के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया. मौके पर संगीत केंद्र के संचालक रामकुमार सिन्हा भी उपस्थित थे. तबलावादक शंभू दयाल केडिया ने पंडित अजय प्रसन्ना और तबला वादक रविशंकर सिंह को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. प्रकृति, सुगंधा रंजन, राग यमन और टॉम राघवन ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया.
गिरिडीह के उभरते हुए बांसुरी वादक हैं राग यमन
बता दें कि उभरते हुए बांसुरी वादक राग यमन आयोजक रामकुमार सिन्हा के पुत्र हैं. राग यमन पंडित अजय प्रसन्ना से ही संगीत की तालीम ले रहे हैं. उन्हीं के अनुरोध पर पंडित प्रसन्ना ने गिरिडीह पधार कर अपनी प्रस्तुति दी. इस अवसर पर पंडित अजय प्रसन्ना ने कहा कि गिरिडीह की धरती पर आना अपने परिवार के सदस्यों के बीच आने जैसा है. कार्यक्रम का संचालन आलोक रंजन ने किया. इस मौके पर कई संगीत प्रेमी मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/peertand-villagers-watched-chak-de-india-and-manjhi-the-mountain-man-under-cap/">यहभी पढ़ें : पीरटांड़ : सीएपी के तहत गामीणों ने देखी ‘चक दे इंडिया’ और ‘मांझी द माउंटेन मैन’ [wpse_comments_template]

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