Giridih : काग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर हर पल राजनीतिक फिजा बदल रही है. जब-जब जिलाध्यक्ष के घोषणा करने की बारी आती है कुछ न कुछ अड़चन आ जाती है. गौरव यात्रा समापन के बाद जिलाध्यक्ष पद पर किसी की ताजपोशी को लेकर उम्मीद जगी थी. इसी बीच राज्य में सियासत गर्म होने से मामला ठंडा पड़ गया. हालांकि जिले में कांग्रेस के एक भी विधायक नहीं है. जिला कांग्रेस की सियासत मझोले कद के नेताओं के बीच चलती है. कभी यहां कांग्रेस के कद्दावर नेताओं के बीच रस्साकशी चलती थी. पूर्व कोडरमा सांसद व पार्टी के कद्दावर नेता तिलकधारी प्रसाद सिंह व सरफराज अहमद के बीच शीत युद्ध चला करती थी. उम्र के साथ तिलकाधारी सिंह के तेवर ठंडे पड़ गए. अहमद ने पार्टी बदल लिया. चर्चा है कि आगामी 4 सितंबर को दिल्ली में आयोजित हल्ला बोल कार्यक्रम के बाद जिलाध्यक्ष की घोषणा की जाएगी. वैसे संभावना ये जताई जा रही है कि राज्य की राजनीति पटरी पर लौटने के बाद फैसले लिए जाएंगे. जिलाध्यक्ष पद के दावेदार धनंजय सिंह सप्ताह भर से दिल्ली में डेरा जमाए हैं. सतीश केडिया भी दिल्ली का चक्कर लगाकर चार दिन पूर्व लौटे हैं. जिलाध्यक्ष पद के दावेदार अजय कुमार सिंहा, अशोक विश्वकर्मा, महसर इमाम भी दिल्ली जाने वाले हैं. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=407596&action=edit">यह
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