Search

गिरिडीह : अवैध बालू खनन से सिकुड़ती जा रहीं नदियां, अस्तित्व खतरे में

Giridih : गिरिडीह जिले में बालू माफिया सक्रिय हैं. बिरनी प्रखंड में बड़े पैमाने पर बालू की तस्करी हो रही है. बालू की अंधाधुध निकासी ने नदियां सिकुड़ती जा रही हैं और उनका अस्तित्व संकट में है. कहीं जगहों पर तो नदी नाले में तब्दील हो गई है. नदियों का जलस्तर नीचे चला गया है, जिससे आसपास के गांव का जलस्तर भी तेजी से गिरता जा रहा है. अगर इसी तरह बालू का उत्खनन जारी रहा, तो ग्रामीणों को एक एक बूंद पानी के लिए भटकना पड़ सकता है. बालू की अंधाधुंध निकासी से कई जगहों पर नदियां मैदान का आकार लेती जा रही हैं. राजमणिया, चनो व अन्य बालू घाटों से प्रतिदिन 100 ट्रैक्टर बालू का अवैध तरीके से उठाव कर दूसरे राज्यों में अधिक दाम पर बेचा जा रहा है. इससे राज्य सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है. लेकिन प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं. एक तरफ बालू को चोरी-छिपे दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय ग्रामीणों को मकान आदि बनाने के लिए उंचे दाम पर बालू खरीदना पड़ रहा है.

देर रात शुरू होती है बालू की ढुलाई

बिरनी प्रखंड क्षेत्र की नदियों से बालू का अवैध कारोबार रात के अंधेरे में बिना किसी रोक-टोक के हो रहा है. तस्कर देर रात ट्रैक्टरों से बालू की ढुलाई शुरू कर देते हैं. नदियो के पुल के पास से बालू का उठाव होने से पुल के पिलरों को भी खतरा हो सकता है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-drm-inspected-kumardhubi-station-expressed-displeasure-over-slow-development/">धनबाद

: डीआरएम ने कुमारधुबी स्टेशन का किया निरीक्षण, धीमे विकास पर जताई नाराजगी 
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//