Giridih : गिरिडीह (Giridih)- साठ के दशक में तैयार सदर अस्पताल गिरिडीह किसी समय सुविधाओं के मामले में खास माना जाता था. यहां मरीजों को हर तरह की सुविधाएं मिलती थी. अखंड बिहार का यह पहला सदर अस्पताल था जहां लिफ्ट थी. ग्राउंड फ्लोर स्थित ऑपरेशन थिएटर से वार्ड में मरीजों को लिफ्ट के जरिए ही शिफ्ट किया जाता था. मातृत्व कल्याण केंद्र में मरीजों को लिफ्ट के जरिए लाना और ले जाना होता था. पूर्व सिविल सर्जन डॉ. विजय शर्मा ने वर्ष 2005 में इसे बेकार समझकर बंद करवा दिया. इनके तबादले के बाद प्रभारी सीएस डॉ. कमलेश्वर प्रसाद ने फिर से लिफ्ट को फिर चालू कराया. वर्ष 2018 में मातृत्व कल्याण केंद्र सदर अस्पताल से चैताली शिफ्ट होने के बाद भी लिफ्ट की महत्ता बनी रही. गंभीर मरीजों को लिफ्ट के जरिए ही ऊपरी तल्ले और अन्य वार्डों में ले जाया जाता था. विगत 1 साल से लिफ्ट खराब पड़ा है. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उपेंद्र दास ने कहा कि लिफ्ट में तकनीकी खराबी है. मरम्मत करने के लिए मुख्यालय से उपकरण की मांग की गई है. उपकरण आते ही इसे पुनः चालू किया जाएगा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=363440&action=edit">यह
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गिरिडीह : सदर अस्पताल की लिफ्ट खराब

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