alt="" width="300" height="142" /> कोयले के अवैध उत्खनन के लिए बनाया गया खंता[/caption]
बिहार मे खपाया जा रहा अवैध कोयला
सीसीएल क्षेत्र से प्रत्येक दिन बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध उत्खनन किया जाता हैं. यहां अवैध कोयला उत्खनन के लिए दर्जनों खंता बनाया गया है. इन खंतों से रात-दिन 4 घंटे शिफ्ट में कोयला का उत्खनन किया दजा रहा है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र से उत्खनन किया गया कोयला पचंबा थाना, नगर थाना, बेंगाबाद थाना, देवरी थाना, नवडीहा ओपी होते हुए बिहार के जमुई जिले के कई थाना क्षेत्रों में खपाया जाता हैं. अवैध कोयला बाइक और साइकिल में लादकर ढोया जाता है.सारी कवायद हवा हवाई
सूत्रों की माने तो इस पूरे रास्ते में कई जगह खड़ी पुलिस वसूली करती हुई भी नजर आती है. इस अवैध धंधे में पैसे और पैरवी का खेल चलता है. पुलिस प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन द्वारा अवैध कोयला उत्खनन को रोकने के लिए खंतों की डोजरिंग भी की जाती है. इसके बाद भी अवैध कोयला का कारोबार फल-फूल रहा हैं. हालांकि मुफस्सिल थाना प्रभारी विनय राम ने कहा कि अवैध कोयला उत्खनन को रोकने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है.राजनीति भी परवान पर
बीजेपी जिलाध्यक्ष महादेव दुबे ने कहा कि राज्य में जब से हेमंत सोरेन की सरकार बनी है, तब से खनिज संपदा की लूट मची हुई है. हेमंत सोरेन की सरकार कोयला, लोहा, पत्थर को लूट कर अपनी तिजोरी भरने में लगी हुई है. गिरिडीह में खुले आम कोयला का अवैध कारोबार चल रहा है. यह">https://lagatar.in/giridih-22-tribal-children-leave-for-ayodhya/">यहभी पढ़ें : गिरिडीह : 22 आदिवासी बच्चे अयोध्या रवाना [wpse_comments_template]

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