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गिरिडीह : सदर अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल समाप्त

सिविल सर्जन की मौजूदगी में हुई समझौता वार्ता

Giridih. : आउटसोर्सिंग कर्मियों की 25 सितंबर से जारी हड़ताल 26 सितंबर को सिविल सर्जन डॉ एसपी मिश्रा से वार्ता के बाद समाप्त हो गई. अस्पताल परिसर में आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन शुरू होने वाला था कि गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निर्देश पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय सिंह अस्पताल पहुंचे और वार्ता की पहल की. वार्ता में सिविल सर्जन के अलावा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, झामुमो जिला अध्यक्ष, अनुमंडल अधिकारी विशाल दीप खलको व डीएसपी संजय राणा की मौजूदगी में वार्ता शुरू की गई. 2 घंटे की बातचीत के बाद सभी बिंदुओं पर रजामंदी हुई और कर्मियों की ओर से हड़ताल समाप्ति की घोषणा की गई. इससे पूर्व श्री सिंह ने हड़ताल पर बैठे एएनएम, जीएनएम व तकनीशियनों को ड्यूटी पर भेजा ताकि भर्ती मरीजों को कोई परेशानी ना हो. लिखित समझौता वार्ता पर कर्मियों की ओर से प्रदेश अध्यक्ष, सिविल सर्जन व बालाजी कंपनी के सुपरवाइजर गौरव राय ने हस्ताक्षर किया.

कंप्यूटर ऑपरेटर को देना होगा स्किल टेस्ट

सिविल सर्जन डॉक्टर मिश्रा ने वार्ता के क्रम में शर्त रखी कि कंप्यूटर ऑपरेटर व टेक्नीशियन को दशहरा पूजा के बाद स्किल टेस्ट देना होगा. कहा कि ऐसे 26 कर्मियों का स्किल टेस्ट एनआईसी की देखरेख में ली जाएगी. टेस्ट में असफल होने वाले को तत्काल बर्खास्त कर दिया जाएगा, इसमें संघ फिर से कोई नया बखेड़ा खड़ा नहीं करेगा.

सिविल सर्जन से पूछा, कंपनी की कितनी बार हुई शिकायत

मानदेय भुगतान के विवाद के बीच झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने सिविल सर्जन से पूछा कि लापरवाह बालाजी डिटेक्टिव कंपनी के खिलाफ अपने कितनी बार पत्राचार किया. अध्यक्ष के सवाल पर सिविल सर्जन चुप्पी साध गए. कहा कि एजेंसी पर कोई कार्रवाई न करने के कारण ही मानदेय भुगतान में मनमानी हो रही है. उन्हें याद दिलाया कि सरकार रकम भुगतान नहीं भी करे तो कंपनी को नियमित रूप से तीन माह तक मानदेय का भुगतान करना है. सहमति बनी कि भविष्य में हर हाल में माह की 10 तारीख से पूर्व कर्मियों के मानदेय का भुगतान किया जाएगा.

ड्रेस में नहीं रहेंगे कर्मी तो कटेगी हाजिरी

सिविल सर्जन डॉक्टर मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मी ड्रेस कोड में ही रहेंगे. ड्रेस में नहीं पाए गए तो कर्मी की उस दिन की हाजिरी काट दी जाएगी. कंपनी सुपरवाइजर को निर्देश दिया गया कि हर कर्मी को दो-दो ड्रेस मुहैया करें. फिलहाल एक ड्रेस दी गई है. इधर प्रदेश अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि कर्मियों के सभी प्रकार के पावना काटकर जमा की जाएगी. अप्रैल से श्रम आयुक्त की ओर से निर्धारित मानदेय का भुगतान किया जाएगा. इधर, कर्मियों की हड़ताल समाप्ति के बाद मरीज ने राहत की सांस ली. यह">https://lagatar.in/bermo-pandit-deendayal-was-the-voice-of-the-poor-and-the-deprived-ravindra-pandey/">यह

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