- चार किलोमीटर दूर जयंती नदी घाट से जल भरकर लौटीं माताएं-बहनें, पूरा इलाका हुआ भक्तिमय
- वृंदावन के कथावाचक मुकुल कृष्ण जी महाराज करेंगे संगीतमय कथा का वाचन
Giridih : गांडेय प्रखंड के महेशमुंडा स्थित कोयरीडीह गांव में शनिवार को भव्य कलश यात्रा के साथ नौ दिवसीय श्रीश्री 108 श्री शतचंडी महायज्ञ अनुष्ठान की शुरूआत की गई. कोयरीडीह स्थित आदिशक्ति मां काली मंदिर परिसर में आयोजित इस महायज्ञ को लेकर पूरे इलाके के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. जय श्रीराम और जय मां काली के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा.
शनिवार सुबह गाजे-बाजे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कलश यात्रा यज्ञ स्थल से निकाली गई. इस दौरान भारी संख्या में पीले और लाल वस्त्रों में महिलाओं और कन्याओं ने माथे पर कलश धारण कर कलश यात्रा में शामिल हुई और क्षेत्र भ्रमण कर करीब चार किलोमीटर दूरी तय कर जयंती नदी घाट पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश में जल भरा गया और फिर श्रद्धालु वापस यज्ञ मंडप में पहुंचे. इसके साथ ही यज्ञ मंडप में देवताओं का शुभ प्रवेश और पूजन-अर्चन संपन्न हुआ.
12 अप्रैल तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठान
महायज्ञ कमेटी के अध्यक्ष केदार राय ने बताया कि 4 अप्रैल से शुरू हुआ यह अनुष्ठान 12 अप्रैल तक चलेगा. यज्ञ में मुख्य यजमान के रूप में निर्मल राय शामिल हैं. यज्ञाचार्य सुबोध उपाध्याय के दिशा-निर्देशन में प्रतिदिन विधिवत पूजन-अर्चन और श्री चंडीपाठ का आयोजन किया जाएगा. बताया कि प्रतिदिन शाम को वृंदावन से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथावाचक श्री मुकुल कृष्ण जी महाराज संगीतमय श्री देवी महापुराण कथा और श्री हरि कथा का प्रवचन किया जाएगा.
हवन व महाप्रसाद वितरण के साथ संपन्न होगा अनुष्ठान
बताया कि नौ दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन का समापन 12 अप्रैल (रविवार) को होगा. अंतिम दिन देवी-देवता पूजन, हवन, कुमारी-कन्या पूजन, ब्राह्मण भोजन और वृहद स्तर पर महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा. इस अनुष्ठान को सफल बनाने में कोयरीडीह, डहुआटांड़, कुसुम्बा, तेलझारी, खम्भाटांड सहित आस-पास के कई गांवों के ग्रामीण और कमेटी के सदस्य जुटे हुए हैं.
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