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गिरिडीह : रांची से आई टीम सदर अस्पताल की अव्यवस्था देख भड़की

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विशेष सचिव ने कहा, कई पर गाज गिरनी तय Giridih. स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव आलोक त्रिवेदी के नेतृत्व में 19 अगस्त को रांची से आई अधिकारियों की टीम ने सदर अस्पताल व इसकी इकाई चैताडीह मातृत्व व शिशु कल्याण केंद्र की स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों की टीम में शामिल अवर सचिव प्रभु नाथ शर्मा, जय किशोर प्रसाद, नीरज कुमार, डॉक्टर जान एफ कैनेडी ने सफाई व लाइट व्यवस्था की बदइंतजामी पर नाराजगी जताई.

टीम ने अस्पताल प्रबंधक से पूछा, घर में भी ऐसे ही रहते हो

[caption id="attachment_734300" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/Ranchi-Team-111-1-272x181.jpg"

alt="" width="272" height="181" /> भर्ती मरीजों से पूछताछ करते अधिकारी[/caption] टीम ने अस्पताल प्रबंधक सहित उपाधीक्षक डॉ एपीएन देव से पूछा कि  घर में भी इसी प्रकार रहते हैं?  झूलते तार व लटकते मरकरी अस्पताल की इंतजाम की कहानी बयां कर रही थी. अधिकारियों ने कहा कि मामूली काम भी नहीं कर सकते हैं, तो इतनी बड़ी व्यवस्था कैसे संभालते हैं? जहां की खाते हैं, उस संस्थान को अपना समझते तो इस प्रकार की व्यवस्था नहीं रहती. अधिकारियों की टीम ओपीडी, नेत्र विभाग, ऑर्थो सहित कई वार्ड का जायजा लिया. कई मरीजों से अस्पताल की व्यवस्था के संदर्भ में पूछताछ की. खाना की व्यवस्था कैसी है?  टीम के अधिकारियों ने दो-चार भर्ती मरीजों से उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में पूछा. जवाब से अधिकारी संतुष्ट नजर आए. दंत रोग विभाग में डेंटल चेयर के सिवा कुछ भी नजर नहीं आया.

प्रबंधन सुधार करना ही नहीं चाहता : त्रिवेदी

रांची से आए अधिकारी उपाधीक्षक की ओर मुखातिब हुए और कहा कि हर बैठक में व्यवस्था में कमी के संदर्भ में पूछा जाता है, पर यहां से कुछ बताया नहीं जाता. श्री त्रिवेदी ने कहा कि प्रबंधन यहां की व्यवस्था में भी सुधार करना ही नहीं चाहता. टीम ने टीवी वार्ड की जर्जर स्थिति पर भी नाराजगी जताई गई. अधिकारियों को बताया गया स्थल पर G - 5 की बिल्डिंग बनाई जाएगी. जहां अस्पताल के सभी वार्ड शिफ्ट किए जाएंगे. टीम ने बंद ऑक्सीजन प्लांट को देखकर नाराजगी जताई और कहा कि केंद्र सरकार ने इतना खर्च कर प्लांट बनाया है. इसका लाभ आम मरीजों को नहीं मिले यह कहीं से क्षमा के काबिल नहीं है. सदर अस्पताल के बाद अधिकारियों की टीम ने चैताडीह केंद्र का जायजा लिया. वहां भी भर्ती महिला रोगियों ने चिकित्सक ना आने की बात कही. बाद में पत्रकारों से बातचीत में श्री त्रिवेदी ने व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई. कहा कि व्यवस्था ऐसी है कि रांची लौटने के बाद कई पर गाज गिरनी तय है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=733903&action=edit">यह

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