साल 2000 के बाद अधिकांश ट्रेनिंग सेंटर हुए बंद
गिरिडीह शहर में पहले कराटे क्लब की स्थापना 1985 में हुई थी. तब कराटे खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के लिए रांची से सेंसेई राजीव सिन्हा गिरिडीह आते थे. अन्य दिनों में स्थानीय कराटे मास्टर बाला प्रसाद खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देते थे. बाद में यहां अशीहारा, क्योकुशीन, टाइगर्स कराटे क्लब की स्थापना हुई. साल 2000 के बाद यहां के अधिकांश ट्रेनिंग सेंटर बंद हो गए.मास्टर ट्रेनरों ने दोबारा शुरु की ट्रेनिंग
कोरोना के बाद फिर से कई कराटे स्टाइल संस्थाओं का यहां विस्तार हो रहा है. कराटे मास्टर कर्ण कुमार ने फिर से मकतपुर और अन्य स्थानों में टाइगर्स कराटे क्लब के बैनर तले ट्रेनिंग देना शुरु कर दिया है. कराटे मास्टर संजीव वर्मा ने यूनाइटेड सोटोकान कराटे फेडरेशन के तहत ट्रेनिंग शुरू की है. इधर कराटे मास्टर मो.अली ने ट्रेडिशनल सोटोकांन के तहत कई स्थानों में कराटे ट्रेनिंग की शुरूआत की है. उक्त संस्थानों के अलावा कुछ और संस्थानों ने भी गिरिडीह में बच्चों को ट्रेन कर रहे हैं. यह">https://lagatar.in/giridih-dc-said-the-registration-of-the-beneficiaries-of-crop-relief-scheme-should-be-completed-by-august-31/">यहभी पढ़ें : गिरिडीह : डीसी ने कहा, फसल राहत योजना के लाभुकों का 31 अगस्त तक पूरा हो निबंधन [wpse_comments_template]

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