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गिरिडीह : समाज में मानवता का संदेश दे रहा नाट्य संग्रह अधूरा आदमी

Giridih : गिरिडीह (Giridih)- सेवानिवृत्त शिक्षक बद्री दास का नाट्य संग्रह अधूरा आदमी समाज में मानवता का संदेश देता है. इस संग्रह में बद्री दास के लिखित एवं मंचित सात नाटक हैं. हर नाटक प्रेम, भाईचारे एवं मानवता का संदेश देता है. सात नाटकों में अधूरा आदमी सर्वाधिक लोकप्रिय है. अपने संग्रह के बारे में बद्री दास ने बताया कि अधूरा आदमी का पहला मंचन पटना के कालिदास रंगालय में किया गया. 1990 में मुंबई में हुए दंगे के बाद इसे लिखा गया था. नाटक में दंगे के बाद शहर में कर्फ़्यू लगने पर फुटपाथ पर रहने वाले गरीबों की दशा का चित्रण है. नाटक संग्रह में 6 अन्य नाटक शामिल हैं- अभिमन्यु चक्रव्यूह में, आज का तमस, बुध की धरती, फर्ज की कीमत, शतरंज के मुहरे और बेबस. नाट्य लेखक ने 2022 के अप्रैल महीने में इसे संग्रहित किया. कला और नाट्य जगत से जुड़े प्रेमी इसे पसंद कर रहे हैं. मिल चुके हैं कई अवार्ड बद्री दास को 1992 में शतरंज के मुहरे नाटक में अभिनय के लिए आगरा में श्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला. 1993 में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में श्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला. 2008 में असम की राजधानी गुवाहाटी में बुद्ध की धरती के लिए सर्वश्रेष्ठ नाटक का पुरस्कार दिया गया. इसके अलावा भी इन्हें विभिन्न स्थानों में पुरस्कारों से नवाजा गया. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=347560&action=edit">यह

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