alt="" width="300" height="300" /> ड़ॉ.एसपी मिश्रा, सिविल सर्जन, गिरिडीह[/caption]
मरीज़ों का रहेगा डिजिटल रिकॉर्ड
सिविल सर्जन ने बताया कि मरीज का डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाएगा. वैलनेस सेंटर में तैनात महिला स्टाफ हर गांव में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की निशुल्क जांच करेगी. आसपास के इलाके में रहने वाले 30 साल से अधिक उम्र के लोगों के बीपी, शुगर व अन्य बीमारियों की जांच की जाएगी. दवाईयों का भी वितरण किया जाएगा. फिलहाल उप स्वास्थ्य केंद्रों में दो तरह की सुविधाएं दी जा रही है. टीकाकरण और मातृत्व हेल्थ की जांच व इलाज की जाती है. पर हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में मौसमी बीमारी, टीबी, मलेरिया की जांच की जाएगी.जमुआ प्रखंड में होगा सर्वाधिक 9 सेंटर
जिले के जमुआ प्रखंड में सर्वाधिक 9 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर का निर्माण किया जाएगा. जानकारी के अनुसार जमुआ प्रखंड में 9, धनवार में 8, गांवा में 6, सरिया में 3, सदर प्रखंड में 6, गाडेय में 3, पीरटांड़ में 4, बगोदर में 2, डूमरी में 2, देवरी में 5, बीरनी में 3 और बेंगाबाद में 4 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर का निर्माण किया जाएगा. यह">https://lagatar.in/giridih-investment-of-insurance-holders-in-lic-is-completely-safe-dharam-prakash/">यहभी पढ़ें : गिरिडीह : एलआईसी में बीमा धारकों का निवेश पूरी तरह सुरक्षित : धर्म प्रकाश [wpse_comments_template]

Leave a Comment