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गिरिडीह : बाल संरक्षण कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना कार्यशाला का उद्देश्य- डीसी

Giridih : समाहरणालय सभागार में 20 अगस्त को बाल संरक्षण कानून को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने व एसपी अमित रेणु समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे. कार्यशाला में गुमशुदा बच्चों, ट्रैफिकिंग, मिशन वात्सल्य, बाल संरक्षण, बाल श्रम और किशोर न्याय पर चर्चा की गई. डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि किशोर न्याय, बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015 के तहत बाल संरक्षण, बाल विवाह और बाल श्रम को लेकर इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है. बचपन बचाओ आंदोलन की दिल्ली टीम और यूनिसेफ की राज्यस्तरीय टीम बाल संरक्षण को लेकर काम कर रही है. डीसी ने कहा कि बाल संरक्षण को लेकर शिक्षा विभाग, श्रम विभाग,विशेष पुलिस इकाई, बाल संरक्षण पदाधिकारी, मिशनरी ऑफ चैरिटी चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधियों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न संस्थाओं और विभागों को बाल संरक्षण कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना है. साथ ही उन्हें कानूनी एवं सामाजिक मूल्यों से अवगत कराना है. कार्यशाला में एसपी अमित रेणु ने कहा कि बाल संरक्षण को लेकर आयोजित कार्यशाला लाभदायक सिद्ध होगा. बच्चों और किशोर से जुड़े मामले संवेदनशील होते हैं. बच्चों और किशोर को शोषण से बचाने के लिए कानूनी सहायता के साथ-साथ सामाजिक सहयोग की भी जरूरत है. बचपन बचाओ आंदोलन के ओमप्रकाश पाल ने कहा कि ट्रैफिकिंग के मामले में झारखंड टॉप पांच राज्यों में है. सबसे ज्यादा गुमशुदा के मामले झारखंड से ही आते हैं. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=394173&action=edit">यह

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