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गिरिडीह : व्यापारियों ने कृषि मंत्री का फूंका पुतला, विधेयक को बताया काला कानून

Giridih : दो प्रतिशत कृषि शुल्क के विरोध में बुधवार से बुलाये बंद का ख़ासा असर देखा गया. शहर में खाद्य उत्पाद के व्यापार से जुड़े व्यपारियो ने अपने प्रतिष्ठान को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया. साथ ही सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी किया. व्यापारी तिरंगा चौक पर जुटे और शहर का भ्रमण करते हुए टावर चौक पहुंचे. जहां सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करते हुए कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का पुतला दहन किया. गिरिडीह में आंदोलन का नेतृत्व जिला चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला कर रहे हैं. [caption id="attachment_555888" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/WYAPARI-PUTLA-300x135.jpg"

alt="" width="300" height="135" /> कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का पुतला दहन करते व्यवसायी[/caption]   निर्मल झुनझुनवाला ने कहा कि यह सिर्फ कृषि कर की बात नहीं, बल्कि घोटाला की पृष्ठभूमि रची जा रही है. उन्होंने कहा कि हर जिले में एक सौ इंस्पेक्टर बहाल किए जाएंगे. जो कृषि कर की वसूली करेगें. फल, मछली, आटा व अंडा बेचने वालों का दोहन होगा. उन्होंने कहा कि व्यापारी अपनी जेब से टैक्स नहीं देता है. इसलिए इसका बोझ अंत में उपभोक्ता व आम आदमी पर पड़ेगा. सरकार इस पर पुनर्विचार करें. [caption id="attachment_555887" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/WYAPARI-PUTLA-DAHAN-2-300x135.jpg"

alt="" width="300" height="135" /> बंद के दौरान सड़क पर गोलबंद होकर प्रदर्शन करते व्यवसायी[/caption] उन्होंने कहा कि यह बंद पूरी तरह से सफ़ल रहेगा. वही चैम्बर ऑफ कॉमर्स के क्षत्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि यह काला कानून है. कृषि मंत्री ने जनता को गुमराह करके इस विधेयक को पारित करवाया है, इसलिए जब तक यह कानून कानून वापस नहीं लिया जाएगा तबतक यह विरोध जारी रहेगा. यह">https://lagatar.in/jamua-dispute-resolved-on-the-initiative-of-the-mla-bridge-construction-work-started/">यह

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