Abhay Verma Giridih : जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर कल्याणडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एक ही भवन में दो चिकित्सा केंद्र संचालित है. दोनों में से एक अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र तथा दूसरा एनयूएचएण केंद्र है. दोनों में से किसी में भी चिकित्सक पदस्थापित नहीं हैं. कागज पर दो नर्स, एक ड्रेसर, एक टेक्नीशियन, एक हेल्थ वर्कर, एक किरानी, दो चपरासी, एक महिला चिकित्सक पदस्थापित हैं. महिला चिकित्सक डॉ. सर्जना शर्मा चैताडीह मातृत्व व शिशु कल्याण केंद्र में बरसों से प्रतिनियुक्ति पर हैं. जो कर्मी प्रतिनियुक्ति पर नहीं है वे भी केंद्र नहीं आते. पचंबा के आसपास बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए 1986 में इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई थी. स्थापना के बाद से केंद्र बदहाल रही. लोगों को अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई. 21 सितंबर 2014 को तत्कालीन सीएम हेमंत सोरेन ने आईएपी योजना के तहत एनयूएचएम (नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन) भवन का ऑनलाइन उद्घाटन किया था. भवन तैयार होने के साथ ही पचंबा में संचालित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र को भी कल्याणडीह में शिफ्ट कर दिया गया. शहरी क्षेत्र का केंद्र किस परिस्थिति में ग्रामीण क्षेत्र में शिफ्ट किया गया इसका जबाव स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है?
दोनों केंद्र एएनएम के भरोसे
कल्याणडीह अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र जाने पर एएनएम सुधा हंसदा और एनयूएचएम केंद्र में एएनएम कल्पना कुमारी चिकित्सक की कुर्सी पर बैठी थी. यहां रोजाना 20 से 25 मरीज इलाज कराने आते हैं. दोनों एएनएम से पूछा गया कि इलाज कौन करता है, तो इसका जबाव दिया गया कि यहां एएनएम ही सब कुछ है?
जिले में चिकित्सकों की है कमी
सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा ने बताया कि एक भवन में दो स्वास्थ्य केंद्र संचालित करने का निर्णय पूर्व काल में लिया गया. जिले में चिकित्सकों की कमी है. दो-दो प्रखंड मुख्यालयों में भी चिकित्सक नहीं है. कम चिकित्सक में ही काम चलाया जा रहा है. कल्याणडीह में पदस्थापित महिला चिकित्सक डॉ. सर्जना शर्मा चैताडीह में प्रतिनियुक्ति पर हैं. चैताडीह में भी सिर्फ तीन महिला चिकित्सकों की तैनाती है. उनकी प्रतिनियुक्ति रद्द भी नहीं की जा सकती. चिकित्सक की कमी दूर करने के लिए मुख्यालय को आवेदन भेजा गया है. चिकित्सक उपलब्ध कराए जाने पर किन्हीं चिकित्सक को कल्याणडीह भेजा जाएगा.
यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=413186&action=edit">यह भी पढ़ें : गिरिडीह : देवरी व गावां प्रखंड में चिकित्सक पदस्थापित नहीं [wpse_comments_template]
Leave a Comment