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गिरिडीह : उद्घाटन के दो महीने बीते, शुरु नहीं हो सकी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट, सीएस ने कहा महीनों लगेंगे

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Abhay Verma Giridih : सदर अस्पताल स्थित ब्लड कॉम्पोनेंट्स सेपरेशन यूनिट का ऑनलाइन उद्घाटन 14 जून 2022 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया था. दो महीने से ज़्यादा गुज़र गये, लेकिन यूनिट की शुरुआत नहीं हो सकी. लिहाज़ा ज़िले के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.

क्या है कंपोनेंट्स सेपरेशन यूनिट

एक यूनिट ब्लड में चार कंपोनेंट होते हैं. इनमें रेड ब्लड सेल, प्लाज़्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसिपिटेट शामिल है. सेपरेशन यूनिट में ब्लड को घुमाया जाता है. इससे प्रोसेस में आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसिपिटेट परत दर परत अलग-अलग हो जाते हैं. निकाले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है. एक यूनिट ब्लड से चार लोगों की जरूरत पूरी की जा सकती है.

मरीज़ों के लिए बेहद ज़रूरी है यूनिट

गिरिडीह में डेंगू, मलेरिया, थैलेसीमिया, एड्स और आग से जलने आदि के पीड़ित मरीज़ के मामले आते हैं. मरीज़ों को ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है. लेकिन कई पीड़ितों को सहयोगी तत्व चढ़ाने की ही जरूरत होती है. जिले में ब्लड से तत्व निकालने की सुविधा सदर अस्पताल को छोड़ कही नहीं है. ऐसी स्थिति में मरीज़ों को परेशान होना पड़ता है.

क्या और क्यों है उपयोगिता

थैलेसीमिया के मरीजों को लाल रक्त कणिकाएं यानी आरबीसी की जरूरत होती है. डेंगू के मरीज़ों को प्लेटलेट्स चढ़ाया जाता है. बर्न केस के मरीज़ों को बचाने के लिए प्लाज्मा की जरूरत होती है. एड्स के मरीजों को श्वेत रक्त कणिकाएं यानी व्हाइट ब्लड सेल्स की जरूरत होती है. यह यूनिट ब्लड से व्हाइट ब्लड सेल्स को भी अलग करने में कारगर है. यूनिट चालू होता तो प्लाज्मा और फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा को अलग कर मरीजों को चढ़ाए जा सकते थे.

इक्विपमेंट आना बाकी - सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ.एसपी मिश्रा ने कहा कि अभी यूनिट के लिए बहुत सारे इक्विपमेंट आने बाकी हैं. लैब टेक्नीशियन की ट्रेनिंग चल रही है. कहा कि सारी व्यवस्था होने के बाद यूनिट का निबंधन कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि सारी प्रक्रिया पूरी होने में अभी कई माह लगेंगे. साफ़ है कि बिना तैयारी के ही ब्लड कंपोनेंट्स सेपरेशन यूनिट का उदघाटन कर दिया गया. सरकार ने सुर्खियां बटोर ली और महकमे के अधिकारी सरकार की वाहवाही लुटने में पसीना बहाते रहे. लेकिन जिन मरीज़ों की हितों का हवाला दिया गया, जिन्हें सब्जबाग दिखाये गये. वो आज भी व्यवस्था के इस कैरेक्टर से छले जा रहे हैं. यूनिट होते हुए भी ज़रूरतमंद मरीज़ों को बाहर भेजा रहा है. यह">https://lagatar.in/giridih-panic-due-to-landslide-15-feet-down-near-chilga-in-ccl-area-baniyadih-kabriabad-road/">यह

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