Giridih : सदर अस्पताल स्थित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर जर्जर है. इसमें कई माह से लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं. भवन प्रमंडल विभाग तीन साल पूर्व इसे अनुपयोगी घोषित कर चुका है. जर्जर भवन को देखने से लगता है कि यहां कभी भी हादसा हो सकता है. टीकाकरण के साथ-साथ कोरोना जांच भी उसी भवन में की जा रही है. दो दिन पूर्व टीकाकरण के दौरान छज्जा टूट कर गिरा था. कर्मी बाल-बाल बच गए. भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए पूर्व में संचालित ट्रेनिंग सेंटर को हटाकर बरमोरिया ट्रेनिंग स्कूल शिफ्ट कर दिया गया. कोरोना महामारी में बरमोरिया से चैताडीह स्विफ्ट किया गया. स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार एएनएम ट्रेनिंग सेंटर को तोड़कर मल्टीपर्पज बिल्डिंग बनाए जाने की योजना है. 6 करोड़ की इस योजना को भवन निर्माण विभाग से हरी झंडी मिल चुकी है. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक सह प्रभारी डॉ. उपेंद्र दास ने बताया कि जर्जर भवन अनुपयोगी घोषित किया जा चुका है. हादसे के लिए अस्पताल प्रबंधन जिम्मेदार नहीं होगा. सारी जिम्मेवारी आरसीएच विभाग की है. टीकाकरण भी आरसीएच विभाग करा रहा है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=408190&action=edit">यह
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गिरिडीह : जर्जर भवन में लोगों को लगाए जा रहे टीके, हो सकता है हादसा

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