alt="" width="300" height="142" /> श्रम नियोजन विभाग कार्यालय, गिरिडीह[/caption] प्रवासी मजदूरों मैं गिरिडीह की संख्या सर्वाधिक रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों में गिरिडीह की संख्या राज्य में सर्वाधिक है. श्रम नियोजन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 1 जनवरी से 31 जुलाई तक गिरिडीह के 17 हज़ार 270 मजदूर पलायन कर चुके हैं. दूसरे नंबर पर हजारीबाग है, जहां के 9 हज़ार 804 प्रवासी मजदूर बाहर गए. तीसरे नंबर पर गोड्डा है जहां के 9 हज़ार 728 लोगों ने बाहर का रुख किया. ये आंकड़े निबंधित मजदूरों के हैं. गौरतलब है कि लॉकडाउन के बाद प्रशासन ने करीब 69 हज़ार प्रवासी मजदूरों को जिले में उनकों घरों तक पहुंचाया था. पलायन के इन आंकड़ों से पनपते सवालों को लेकर जिला प्रशासन के पास कोई ठोस जवाब नहीं है. प्रवासी मजदूरों के निबंधन पर ज़ोर - श्रम अधीक्षक श्रम अधीक्षक रविशंकर ने भी माना कि जिले से बड़ी संख्या में मजदूर पलायन करते हैं. विभाग की कोशिश रहती है कि बाहर जाने वाले लोगों का निबंधन किया जा सके. ताकि योजनाओं का लाभ उन तक पहुंच सके. साथ ही प्रवासी मजदूरों की मौत पर सरकार की ओर से तय मुआवजा भी आश्रितों तक पहुंचाया जा सके. योजना के तहत सरकार निबंधित मजदूर की मौत पर डेढ़ लाख और बिना परिचय पत्र के श्रमिकों को सहायता राशि के रूप में एक लाख की राशि देती है. Edited by : Krishnakant Sah यह">https://lagatar.in/giridih-ccl-personnel-accused-of-breaking-an-under-construction-animal-shed-in-raiti-land/">यह
भी पढ़ें : गिरिडीह : सीसीएल कर्मियों पर रैयती जमीन में निर्माणाधीन पशु शेड तोड़ने का आरोप [wpse_comments_template]

Leave a Comment