मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है
नरेगा के पूर्व जिला कोऑर्डिनेटर सह स्टेट डेलीगेट उपेंद्र प्रसाद सिंह का सख्त लहजे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सांगठनिक मामले में डॉ. अहमद दखल नह दें. वे झामुमो की टिकट पर विधायक चुने गए. यूपीए गठबंधन में कांग्रेस शामिल है, यहां तक ठीक है. संगठन मामले में दखलंदाजी ठीक नहीं. कांग्रेस के अंगने में झामुमो विधायक का क्या काम है?आंतरिक मामले में दखल न दें डॉ. अहमद
[caption id="attachment_429634" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="297" /> धनंजय सिंह[/caption] कांग्रेस जिला अध्यक्ष पद के दावेदार धनंजय सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त कर कहा कि संगठनिक मामले में डॉ. अहमद दखल न दें. कांग्रेस में किन्हें कौन पद दिया जाएगा इसकी चिंता उन्हें नहीं करनी चाहिए? उन्हें कांग्रेस की इतनी ही फिक्र थी तो निजी स्वार्थ में झामुमो में क्यों शामिल हुए? कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, विधायक, मंत्री बनाया. पार्टी को संकट में देख पाला बदलते देर नहीं लगी. वे अपनी चिंता करें, कांग्रेस की नहीं.
डॉ. अहमद को दोनों हाथों में लड्डू चाहिए
[caption id="attachment_429636" align="aligncenter" width="169"]alt="" width="169" height="300" /> नदीम अख्तर[/caption] कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नदीम अख्तर ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. सरफराज अहमद को दोनों हाथों में लड्डू चाहिए. उन्हें सतीश केडिया की उतनी ही चिंता है तो झामुमो में क्यों नहीं शामिल कराते? कांग्रेस के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी का ऑडियो वायरल हुआ है. वे झामुमो नेता है, कांग्रेस के नहीं. दखलंदाजी देना शर्मनाक है. वोट और बेटी जात को देने की सिफारिश करने वाले डॉ. अहमद ये क्यों नहीं बताते कि सतीश केडिया ने अपने समाज के कितने लोगों को कांग्रेस से जोड़ा. डॉ. अहमद की सिफारिश पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष का मनोनयन होगा तो कांग्रेस झामुमो की पॉकेट पार्टी बनकर रह जाएगी.
कांग्रेस की इतनी ही चिंता है तो दुबारा दल में शामिल हों
[caption id="attachment_429640" align="aligncenter" width="169"]alt="" width="169" height="300" /> संतोष राय[/caption] जिला युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष संतोष राय ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. सरफराज अहमद को कांग्रेस की इतनी ही चिंता है तो दुबारा पार्टी में लौट जाएं. पाला बदलने में माहिर डॉ. अहमद कांग्रेस को अपनी जेब में रखना चाहते हैं. वे झामुमो में है, उसी पार्टी की चिंता करें. झामुमो में कई तरह के संकट हैं, उन संकटों को पहले खत्म करें. विधायक रहते कांग्रेस की अंदरूनी मामले में दखल न दें. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=428942&action=edit">यह
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