Giridih : इस साल अभी तक मानसून की बारिश नहीं हुई है. किसान धनरोपनी नहीं कर पाए हैं. किसान धनरोपनी को लेकर चिंतित हैं. इधर मकई के पौधों में कीड़े लगने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है. किसान खेतों में लहलहाते मकई के पौधों को देखकर खुश थे. उम्मीद थी कि इस वर्ष अच्छी पैदावार होगी. अचानक पौधों में कीट लगने से उम्मीद पर पानी फिरता दिख रहा है. डुमरी प्रखंड के किसान मनोज कुमार ने बताया कि कम बारिश के बावजूद मकई के पौधे खेतों में लहलहा रहे थे. कीड़े पौधों को नुकसान पहुंचा रहा है. पौधों को बचाने के लिए अधिकांश किसानों ने पौधों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया है. जिले के डुमरी, गांडेय, जमुआ, गिरिडीह, पीरटांड़, धनवार समेत अन्य प्रखंडों में कीड़े लगने की खबर आ रही है. किसान अविलंब कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें जिला कृषि पदाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने किसानों को मकई के पौधों को कीड़े से बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने का सुझाव दिया है. मकई के पौधों पर नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश, यूरिया और जिंक सल्फेट का छिड़काव किया जाना चाहिए. अधिक जानकारी के लिए किसान जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=369078&action=edit">यह
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गिरिडीह : मकई के पौधों में कीड़े लगने से किसानों की चिंता बढ़ी

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