Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) धनबाद में गुरुवार की शाम ग्लाइडर दुर्घटना से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. हादसा ग्लाइडर के इंजन में तकनीकी फॉल्ट के कारण हुई है या फिर उड़ान भरने से पहले ग्लाइडर की रूटीन जांच नहीं की गई. इन तमाम बिंदुओं की जांच के लिए शुक्रवार को कोलकाता की टीम घटनास्थल पहुंची व जांच में जुट गई. इस हादसे के बाद शहरवासी डरे और सहमे हुए हैं. ऐसा हादसा धनबाद में पहली बार हुआ है, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों का इलाज एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है. जांच की प्रक्रिया शुरू करने के बाद टेक्निकल टीम ने ग्लाइडर के मलबे को हटाना शुरू कर दिया है.
ऐसे घटी घटना
गुरुवार की शाम 5 बजे पायलट कैप्टन बलवंत कुमार ने 14 वर्षीय कुश कुमार को लेकर बरवाअड्डा हवाई पट्टी से उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के डेढ़ मिनट के भीतर इंजन का प्रेशर कम हो गया, जिस कारण विमान का इंजन बंद हो गया और देखते ही देखते कुछ ही सेकंड में ग्लाइडर बिरसा मुंडा पार्क के समीप एक मकान से जा टकराया, जिसमें पायलट कैप्टन बलवंत कुमार और यात्री कुश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. नवंबर 2018 को ग्लाइडर एंजॉय की हुई थी शुरुआत
वर्ष 2018 के नवंबर माह में नागर विमानन विभाग राज्य सरकार की ओर से धनबाद में ग्लाइडर एंजॉय की शुरुआत हुई थी. धनबाद में दो ग्लाइडर उपलब्ध कराया गया था. शुरुआत के बाद धनबाद के लोग 800 रुपये देकर अक्सर ग्लाइडर से आसमान की सैर कर शानदार नजारे का आनंद लेते थे. 13 अगस्त 2019 को विभाग की ओर से इंजॉय राइट के साथ इसे ट्रेनिंग सेंटर में भी बदल दिया गया. ट्रेनिंग देने के लिए अधिकारी की भी तैनाती की गई थी. इसके अलावा तकनीकी अधिकारियों तथा ग्लाइडर के मेंटेनेंस के लिए भी कर्मचारी रखे गए. हादसे की जांच को पहुंची 4 सदस्यीय टीम
धनबाद ग्लाइडर हादसे की जांच को लेकर शुक्रवार को कोलकाता से 4 सदस्य टीम धनबाद पहुंची. जिसके बाद टीम के लोगों ने ग्लाइडर के दुर्घटना और मलबे की बारीकी से जांच किया. वहीं प्राथमिक जांच में टीम ने पाया कि उड़ान भरने से पहले ग्लाइडर की रूटीन जांच नहीं की गई. जब की उड़ान भरने से पहले फ्यूल से लेकर इसके तमाम तकनीकी बिंदुओं की जांच की जानी चाहिए. ग्लाइडर की ब्लैक बॉक्स की जांच तथा पायलट से पूछताछ के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों का पता चल पाएगा. मैं दर्शक हूं, मैं नही जानता : सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा
झारखंड नगर विमानन विभाग के निदेशक कैप्टन एसपी सिन्हा घटनास्थल पहुंचे और लगभग 15 मिनट तक जांच अधिकारियों से जानकारी ली. मीडिया ने कैप्टन सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा से घटना के पीछे के कारणों के बारे में पूछा तो उन्होंने मीडिया के समक्ष खुद को दर्शक बताया. उन्होंने कहा कि वह एक दर्शक हैं और उन्हें कोई जानकारी नहीं है. फिलहाल इस मामले में कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है. जांच के बाद शुरू हुआ मलबे को हटाने का काम
दुर्घटना स्थल पर पुलिस ने कैंप कर रखा है. फिलहाल शुक्रवार को जांच पूरी होने के बाद टेक्निकल टीम के सदस्यों ने मलबे को खोलना प्रारंभ किया. खबर लिखे जाने तक मलबे को हटाने का काम जारी था. [wpse_comments_template]
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