क्या है पूरा मामला
सरकार ने आउटसोर्सिंग कंपनी हरित फाउंडेशन, बिहार को जिले के विभिन्न स्कूलों में कंप्य़ूटर शइक्षा का जिम्मा दिया था. आउटसोर्सिंग कंपनी को इन स्कूलों में कंप्यूटर पढ़ाने के लिए पैंतीस टीचर की बहाली आठ हजार रुपया मानदेय पर करनी थी. कंपनी को अपना संसाधन लगा कर बच्चो को कंप्यूटर क्लास कराना था. कंपनी ने विज्ञापन निकाला. छात्रों ने आवेदन जमा किया और युवाओं का चयन किया गया. आरोप है कि युवाओं को नौकरी पर रखे जाने से पूर्व कंपनी ने प्रति छात्र 35000 रूपये की वसूली नौकरी देने के नाम पर किया. यह पैसा ऑनलाइन लिया गया. जिसका प्रमाण भी है. करीब नौ माह तक पढ़ाई करवाने के बाद आउटसोर्सिंग कंपनी ने मानदेय के मद में छात्रों को एक रूपया भी नहीं दिया और फरार हो गई. जानकारी मिलने के बाद विधायक ने कंपनी के ख़िलाफ़ थाना में शिकायत दर्ज कराई.क्या कहते है थाना प्रभारी
पौडेयाहाट थाना प्रभारी संतोष यादव ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद इस मामले में दो केस दर्ज किया गया है. केस अनुसंधान स्तर पर है. बैंक से कागजातों की मांग की गई है. आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द होगी. यह">https://lagatar.in/godda-completion-of-small-employment-fair-selection-of-164-candidates/">यहभी पढ़ें : गोड्डा : लघु रोजगार मेला का समापन,164 अभ्यर्थियों का चयन [wpse_comments_template]

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