दावेदारों में करीब आधा दर्जन नेता
गोड्डा संसदीय सीट को लेकर कांग्रेस पार्टी में कुछ ज्यादा ही गहमा-गहमी दिख रही है. कांग्रेस का टिकट पाने के लिए करीब आधा दर्जन नेता अपनी- अपनी बिसात बिछाने में लगे हुए हैं. कुछ नेताओं का दिल्ली दौरा भी खूब हुआ है. आलाकमान के समक्ष अपनी स्थिति मजबूत दिखान के लिए हर तरह की कोशिश की जा रही है. इन नेताओं में वर्तमान विधायक से लेकर पार्टी के पूर्व सांसद भी हैं. प्रबल दावेदारों में महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह और पूर्व सांसद व पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव का नाम सामने आ रहा है. अन्य दावेदारों में कांग्रेस विधायक दल के नेता सह ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी का नाम भी लोकसभा क्षेत्र में प्रमुखता के साथ लिया जा रहा है.पार्टी को तय करना हैः दीपिका पांडेय सिंह
महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि इस सीट से कांग्रेस चुनाव जीतेगी. अपनी उम्मीदवारी को लेकर कहा कि यह पार्टी को तय करना है कि वह गोड्डा से किसे उम्मीदवार बनाती है. सभी लोग मिलकर चुनाव लड़ेंगे.इस बार कांग्रेस को जनता चुनेगी : प्रदीप यादव
पोड़ैयाहाट से विधायक प्रदीप यादव ने कहा, लोकसभा चुनाव पार्टी गठबंधन में ही लड़ेगी. गोड्डा संसदीय सीट पर कांग्रेस की मजबूत दावेदारी है. कर्नाटक चुनाव के बाद देश का माहौल बदल गया है. इस बार कांग्रेस को जनता चुनेगी. अपनी उम्मीदवारी को लेकर कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वमान्य है, सब मिलकर चुनाव जीतेंगे.अकलियतों की संख्या अधिक, पार्टी दे टिकटः फुरकान
फुरकान अंसारी ने कहा है कि 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर उनकी तैयारी जोरों पर है. राज्य की 14 लोकसभा सीटों में एक सीट अकलियत यानी मुस्लिम वर्ग को मिलती रही है. 2019 के लोकसभा चुनाव में जब अकलियत को एक सीट भी नहीं मिली, तो इसका नुकसान पार्टी को झेलना पड़ा. पार्टी को चाहिए कि 2024 में अकलियत वर्ग को एक सीट जरूर दे. फुरकान अंसारी का कहना है कि गोड्डा सीट पर अकलियतों की संख्या ठीक-ठाक है. उम्मीद है कि पार्टी इस बार उन पर जरूर विश्वास जताएगी. विधानसभा सीटों के लिहाज से कांग्रेस और झामुमो गठबंधन मजबूत स्थिति में गोड्डा लोकसभा कांग्रेस की पारंपरिक सीट मानी जाती थी. अंतिम बार 2004 में फुरकान अंसारी इस सीट से सांसद बने थे. उसके बाद 2009, 2014 और 2019 में भाजपा के निशिकांत दुबे जीत रहे हैं. इस संसदीय सीट अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों में कांग्रेस और झामुमो मजबूत स्थिति में है. गोड्डा संसदीय सीट में संथाल परगना के तीन जिलों की कुल छह विधानसभा सीटें आती हैं. गोड्डा जिले में (गोड्डा, महागामा और पोडैयाहाट विस सीटें, देवघर जिले में देवघर और मधुपूर विस सीटें और दुमका जिले में जरमुंडी विस सीटें शामिल हैं. 2019 के विधानसभा चुनाव में छह विधानसभा सीटों में तीन कांग्रेस, दो भाजपा और एक सीट झामुमो ने जीती थी. इसे भी पढ़ें – ऋत्विक">https://lagatar.in/new-revelation-in-ritwik-companys-project-co-ordinator-sharad-kumar-murder-case-musa-and-chhotka-shot-him/">ऋत्विककंपनी के प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर शरद कुमार हत्याकांड में नया खुलासा, मूसा और छोटका ने मारी थी गोली [wpse_comments_template]
Leave a Comment