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गोड्डा : पारिवारिक विवादों को सुलझाने में मध्यस्थ की भूमिका महत्वपूर्ण- प्रधान जिला जज

 

परिवार न्यायालय में पांच दिवसीय विशेष शिविर शुरू

Godda : पति-पत्नी के बीच मामूली बातों को लेकर आपसी विवाद हो जाता है. मामला बढ़ते हुए कोट तक पहुंच जाता है. ऐसे में विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने में कोर्ट की ओर से नियुक्त मध्यस्थों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. यह बातें जिला व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार वैश्य ने कहीं. वह सोमवार को परिवार न्यायालय परिसर में आयोजित पांच दिवसीय विशेष मध्यस्थता शिविर के उद्घाटन के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि पारिवारिक विवादों को आपराधिक घटनाओं की तरह नहीं देखा जा सकता. इसे स्वस्थ समाज के निर्माण में एक अड़चन के रूप में देखा जाना चाहिए और इसका समाधान कर बेहतर समाज निर्माण में सहयोग देना चाहिए. उन्होंने मध्यस्थों से कहा कि पूरे मनोयोग से प्रयास कर अधिक से अधिक मामलों को सुलझाएं. प्रधान जिला न्यायाधीश परिवार न्यायालय अनिल कुमार पांडेय, अधिवक्ता संघ के सुशील झा व महासचिव योगेश चन्द्र झा ने भी विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम का संचालन न्यायाधीश प्रताप चंद्र कर रहे थे. मौके पर प्रभारी न्यायाधीश सतीश कुमार मुंडा सहित सभी मध्यस्थ व पक्षकार मौजूद थे. यह भी पढ़ें : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-high-court-stays-bsls-tughlaqi-order-regarding-lease-renewal/">बोकारो

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